MLC चुनाव के नतीजों को लेकर सपा प्रमुख ने भाजपा पर साधा निशाना, बोले—सिर्फ पांच सीटों की गिनती मत देखिए, 50 जिलों में हार का दावा भी समझिए; विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले धूमधाम मचाने वाले अब धड़ाम से गिर गए हैं। उन्होंने भाजपा की जीत के आंकड़े पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि केवल पांच सीटों की गिनती देखने के बजाय उन जिलों में पार्टी के प्रदर्शन को भी देखना चाहिए, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि MLC चुनाव के नतीजों ने भाजपा को आईना दिखाया है। उनके मुताबिक, चुनावी नतीजों को केवल जीती गई सीटों की संख्या से नहीं समझा जा सकता। उन्होंने करीब 50 जिलों में भाजपा की हार का दावा करते हुए इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संकेत बताया।
11 MLC सीटों का नतीजा, भाजपा को 6 और सपा को 5 सीटें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में पांच सीटें आईं।
सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा। इसके अलावा लखनऊ स्नातक और आगरा शिक्षक सीट पर भी पार्टी को जीत मिली। प्रयागराज-झांसी स्नातक सीट पर भी सपा उम्मीदवार ने सफलता हासिल की। भाजपा ने छह सीटें जीतकर अपनी कुल संख्या बरकरार रखी, लेकिन कुछ अहम सीटों पर उसे नुकसान हुआ।
‘धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिरे’, अखिलेश ने क्यों कसा तंज?
MLC चुनाव के नतीजों के बाद अखिलेश यादव लगातार भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने चुनाव परिणामों को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि जनता का रुख बदल रहा है। सपा प्रमुख ने शिक्षकों, युवाओं और स्नातक मतदाताओं के समर्थन को अपनी पार्टी के लिए अहम बताया।
हालांकि, 50 जिलों में भाजपा की हार का आंकड़ा अखिलेश यादव का राजनीतिक दावा है। MLC चुनाव आधिकारिक रूप से 11 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए थे, इसलिए इस दावे को सीटों के घोषित परिणामों से अलग समझना जरूरी है।
2027 में महिलाओं को ज्यादा टिकट देगी समाजवादी पार्टी
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक और अहम संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी भाजपा की तुलना में अधिक महिलाओं को टिकट देगी। इस बयान को पार्टी की संभावित उम्मीदवार चयन रणनीति और महिला मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अब देखना होगा कि सपा इस घोषणा को टिकट वितरण में किस तरह लागू करती है और कितनी महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारती है।
MLC नतीजों से विधानसभा चुनाव तक सियासी संदेश
विधान परिषद चुनाव के नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख दल 2027 की तैयारी में जुटे हैं। भाजपा ने छह सीटें जीतकर बढ़त बनाए रखी, जबकि सपा ने पांच सीटों के साथ अपनी मौजूदगी मजबूत की। दोनों दल इन नतीजों को अपने-अपने नजरिये से देख रहे हैं।
अखिलेश यादव ने इन परिणामों को भाजपा के लिए चेतावनी और सपा के लिए आगे की लड़ाई का संकेत बताया है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर रहेंगी कि MLC चुनाव में दिखे मुकाबले का असर विधानसभा चुनाव की तैयारियों, उम्मीदवारों के चयन और महिला प्रतिनिधित्व की रणनीति पर कितना पड़ता है।









