नई दिल्ली | 15 अक्टूबर 2026
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए सवाल किया कि आखिर उनकी बेटी का क्या कसूर था। वहीं, पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने मामले में कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की।
बेटी को याद कर रो पड़ीं सोनी देवी
प्रेस वार्ता के दौरान सोनी देवी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें हर जगह अपनी बेटी दिखाई देती है और वह किस तरह जीवन बिता रही हैं, यह वही जानती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि न्याय के लिए आखिर वे कहां जाएं। परिवार का कहना है कि बेटी की मौत के मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं और वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
पिता ने जांच पर उठाए सवाल, पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की चैट में कथित वीआईपी का जिक्र था, लेकिन जांच के दौरान चैट से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने आरोपी के फोन और कॉल डिटेल्स को लेकर भी सवाल उठाए। परिवार ने मांग की कि कथित वीआईपी की भूमिका और जांच में सामने आए सभी पहलुओं की नए सिरे से पड़ताल की जाए।
ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर भी विवाद
अंकिता के परिवार ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए हैं। परिवार कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। इस विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और सीबीआई जांच पूरी होने तक प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया है।
दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोपों को खारिज किया है और इस मामले को लेकर मानहानि के मुकदमे भी दायर किए हैं। इसलिए कथित वीआईपी की पहचान और मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन के बाद परिवार ने दोहराई मांग
इससे पहले 14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट के पास प्रदर्शन किया था। वे कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी परिवार से मिलने पहुंचे थे। 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान परिवार और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
2022 के हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद
उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद परिवार कथित वीआईपी की भूमिका और उससे जुड़े सवालों की जांच की मांग कर रहा है।
परिवार की मांग है कि कथित वीआईपी एंगल की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और सभी सवालों के जवाब सामने आएं। दिल्ली की प्रेस वार्ता में मां सोनी देवी की भावुक अपील ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें जांच की अगली कार्रवाई और परिवार की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं।










