टैक्सी स्टैंड से सुभाष चौक तक शौचालय की सुविधा न होने से श्रद्धालुओं और दुकानदारों को हो सकती है परेशानी, नगर पंचायत प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल
महराजगंज, शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर घुघली कस्बे में उत्सव का माहौल है। घुघली थाना क्षेत्र में करीब 113 मां दुर्गा के पंडाल स्थापित किए जाने की जानकारी थानाध्यक्ष के अनुसार मिली है। कस्बे में जगह-जगह सजे पंडाल, आकर्षक सजावट और पूजा सामग्री की दुकानों के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। लेकिन इस धार्मिक उत्सव की तैयारियों के बीच साफ-सफाई और सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कस्बे के टैक्सी स्टैंड से लेकर सुभाष चौक तक सार्वजनिक सुलभ शौचालय की सुविधा नजर नहीं आने का मुद्दा स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बाहर से आने वाले लोगों को शौचालय की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
त्योहार में भी बुनियादी सुविधाओं की दरकार
दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजन के दौरान नगर की साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पेयजल और सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इन सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवाल नगर पंचायत प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की जरूरत दर्शाते हैं। पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना और शौचालय की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
शांति व्यवस्था के साथ सुविधाओं पर भी हो ध्यान
त्योहारों के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैठकें और दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। लेकिन शांति व्यवस्था के साथ नागरिक सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि नगर पंचायत प्रशासन तत्काल साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय अथवा अस्थायी शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अब सवाल यह है कि जब दुर्गा पूजा के दौरान कस्बे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, तो नगर पंचायत प्रशासन इन जरूरी सुविधाओं को लेकर कब तक कदम उठाएगा?घुघली ई ओ विंध्याचल के फोन न पर इस विषय में प्रेस प्रतिनिधि बात करने के लिए काल करता रहा फिर भी ई ओ ने फोन नहीं उठाया। फिलहाल इस मामले में नगर पंचायत प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।









