अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के दसवें दीपोत्सव की तैयारियां इस बार भव्य और आधुनिक स्वरूप में की जा रही हैं। दीपों से जगमगाने वाली अयोध्या का आसमान भी रामायण के प्रसंगों से रोशन होगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित होने वाले एरियल ड्रोन शो में 2,100 स्वदेशी ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की वीर मुद्राओं के साथ राम-रावण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत करेंगे।
दीपोत्सव-2026 के अवसर पर यह विशेष ड्रोन शो 7 और 8 नवंबर को आयोजित किए जाने की तैयारी है। करीब 15 मिनट की इस प्रस्तुति में ड्रोन के जरिए कम से कम 15 अलग-अलग आकृतियां बनाई जाएंगी। इनमें रामदरबार, पुष्पक विमान, रावण वध, हनुमान और रामायण से जुड़े कई प्रमुख प्रसंग शामिल होंगे। संगीत, वॉयस ओवर और लेजर लाइट के जरिए इन दृश्यों को और प्रभावशाली बनाया जाएगा।
500 से बढ़कर 2100 हुई ड्रोन की संख्या
दीपोत्सव में हर साल ड्रोन शो का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2024 में 500 ड्रोन के जरिए आसमान में आकृतियां बनाई गई थीं, जबकि 2025 में इनकी संख्या बढ़ाकर 1,100 कर दी गई थी। इस बार 2,100 स्वदेशी ड्रोन के साथ आयोजन को और व्यापक बनाने की तैयारी है।
इस बार ड्रोन शो की कहानी, संगीत, वॉयस ओवर और दृश्य संयोजन में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 15 विशेष फॉर्मेशन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें आधे से अधिक पिछले साल की प्रस्तुति से अलग होंगे।
600 फीट तक पहुंचेगी ग्रीन आतिशबाजी
दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के पुराने पुल के पास ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो भी आयोजित किया जाएगा। इसकी आतिशबाजी करीब 600 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने की योजना है। लगभग 15 मिनट तक चलने वाला यह कार्यक्रम आसमान को रोशनी से भर देगा।
राम की पैड़ी क्षेत्र में संगीत के साथ आतिशबाजी और लेजर शो का भी संयोजन होगा। राम की पैड़ी नहर के ऊपर डिजिटल स्क्रीन और होलोग्राफिक लेजर प्रस्तुति की व्यवस्था की जा रही है, जिसके माध्यम से रामायण के सातों कांड के प्रमुख प्रसंग दिखाए जाएंगे।
33 लाख दीयों से जगमगाने की तैयारी
इस बार अयोध्या में करीब 33 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन की तैयारी है। सरयू तट पर सामूहिक आरती भी विशेष आकर्षण रहेगी। इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रामायण आधारित झांकियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों के जरिए दीपोत्सव को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत साकेत महाविद्यालय से रामायण प्रसंगों पर आधारित शोभायात्रा निकलेगी। रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और राज्याभिषेक से जुड़े आयोजन होंगे। इसके बाद राम की पैड़ी क्षेत्र में सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
देश-विदेश के कलाकार भी बनेंगे आयोजन का हिस्सा
दीपोत्सव में देश के 13 राज्यों के करीब एक हजार कलाकार अपनी लोककलाओं और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों को भी आयोजन में आमंत्रित किए जाने की योजना है। करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
तकनीक और परंपरा का संगम बनेगा दीपोत्सव
अयोध्या का दसवां दीपोत्सव इस बार परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल के रूप में आयोजित किया जा रहा है। एक ओर लाखों दीपों से रामनगरी जगमगाएगी, तो दूसरी ओर 2,100 ड्रोन आसमान में रामायण की गाथा प्रस्तुत करेंगे। ग्रीन आतिशबाजी, लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक यादगार अनुभव देने की तैयारी है।
7 नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन और 7-8 नवंबर के ड्रोन शो पर देशभर की निगाहें रहेंगी। अब देखना होगा कि रामनगरी का यह भव्य दीपोत्सव आसमान और सरयू तट पर कैसी छटा बिखेरता है।









