उत्तर प्रदेश में मंगलवार को भी गंगा दशहरा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहरों में सुबह से ही लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान, पूजन और दान-पुण्य के लिए उमड़ पड़े।
काशी के प्रसिद्ध असी घाट पर इस बार आस्था का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां मां गंगा को 12 राज्यों से आई 5100 साड़ियों से बनी करीब 25,500 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार और “हर-हर गंगे” के जयघोष के बीच मां गंगा का विशेष पूजन किया।
🌊 असी घाट पर भव्य आयोजन, 501 लीटर दूध से अभिषेक
वाराणसी के असी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। धार्मिक संगठनों और गंगा भक्तों ने मां गंगा का 501 लीटर दूध से अभिषेक किया।
दीप, पुष्प और वैदिक मंत्रों के बीच आयोजित गंगा पूजन ने पूरे घाट को भक्तिमय बना दिया। घाटों पर गंगा आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया।
🚩 12 राज्यों से आईं साड़ियां, बनी 25,500 फीट लंबी चुनरी
आयोजकों के अनुसार मां गंगा को अर्पित की गई चुनरी देश के 12 राज्यों से आई 5100 साड़ियों को जोड़कर तैयार की गई थी। इस विशाल चुनरी को श्रद्धालुओं ने कंधों पर उठाकर घाट तक पहुंचाया।
पूरे आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव” और “गंगे मैया की जय” के जयघोष से घाट गूंजता रहा।
🙏 अयोध्या और प्रयागराज में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गंगा दशहरा के मौके पर अयोध्या और प्रयागराज के घाटों पर भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। घाटों पर पुलिस, PAC और जल पुलिस की तैनाती की गई।
📿 क्या है गंगा दशहरा का महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजन करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है।
गंगा दशहरा को “दश-पाप-हर” पर्व भी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और गंगा पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।
🕯️ घाटों पर दिखी अद्भुत आध्यात्मिक छटा
वाराणसी के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और दीपदान में जुटे रहे।
दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और गंगा आरती ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सोशल मीडिया पर भी गंगा दशहरा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
🔥 मुख्य बिंदु
- वाराणसी के असी घाट पर मां गंगा को 5100 साड़ियों की चुनरी अर्पित
- 501 लीटर दूध से विशेष अभिषेक
- अयोध्या, प्रयागराज समेत कई शहरों में भारी भीड़
- घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम
- गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व










