Home / Uncategorized / रील को राहुल गांधी ने बताया 21वीं सदी का नया नशा, प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों पर फोकस,

रील को राहुल गांधी ने बताया 21वीं सदी का नया नशा, प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों पर फोकस,

प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों पर फोकस, रोजगार से AI तक उठाए सवाल

प्रयागराज। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यह अभियान कांग्रेस की ओर से छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने की कोशिश के तौर पर चलाया जा रहा है।

‘21वीं सदी का नया नशा है Reel’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया और रील्स को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार और अवसरों के बजाय रील्स और कंटेंट में उलझाया जा रहा है। उन्होंने रील को ‘21वीं सदी का नया नशा’ बताया और कहा कि युवाओं का ध्यान शिक्षा, रोजगार और उनके अधिकारों जैसे मुद्दों से नहीं भटकना चाहिए। यह टिप्पणी राहुल गांधी पहले भी युवाओं और सोशल मीडिया के संदर्भ में कर चुके हैं।

युवाओं के डेटा को बताया AI की ताकत

राहुल गांधी ने डेटा और AI के संबंध को भी अपने भाषण का अहम हिस्सा बनाया। उन्होंने युवाओं के डेटा को AI के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत के युवा और उनका डेटा भविष्य की बड़ी ताकत हैं। उनका तर्क था कि डेटा के आधार पर AI विकसित किया जा सकता है, लेकिन AI अपने आप डेटा पैदा नहीं करता।

रोजगार और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने युवाओं की पढ़ाई और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परिवार बच्चों की शिक्षा पर बड़ी रकम खर्च करते हैं, लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद भी स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने रोजगार के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 1,000 युवाओं में केवल 12 को स्थायी नौकरी मिलती है। इसी तरह का आंकड़ा वह पहले भी शिक्षा और रोजगार पर चर्चा के दौरान इस्तेमाल कर चुके हैं।

BJP और RSS पर भी निशाना

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में BJP और RSS पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था का लाभ बड़े पूंजीपतियों और सत्ता से जुड़े समूहों को मिल रहा है, जबकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और संस्थानों की स्वतंत्रता जैसे सवाल बने हुए हैं।

‘नफरत और हिंसा नहीं, प्यार से बदलाव’

राहुल गांधी ने युवाओं से नफरत और हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने भारत की संस्कृति को सत्य और अहिंसा से जोड़ते हुए कहा कि छात्रों के भीतर नफरत के बजाय प्यार और एकजुटता की भावना होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की बात कही।

‘छात्रों की गूंज’ बना कांग्रेस का बड़ा युवा अभियान

‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर की थी। राहुल गांधी ने अभियान के तहत छात्रों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने पर जोर दिया है।

प्रयागराज कार्यक्रम से पहले आयोजन को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। कार्यक्रम स्थल की अनुमति वापस लिए जाने को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की ओर से भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *