प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली से प्रक्रिया पूरी कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रयागराज में अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। पुलिस ने परिसर के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी।
शिक्षा निदेशालय के गेट पर जुटे अभ्यर्थी
रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे लगभग 150 अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठ गए। पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैरिकेड लगाए गए, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने हटाकर सड़क की ओर रख दिया और गेट के सामने धरना जारी रखा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी पुरानी नियमावली के अनुसार भर्ती कराने की मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले भी बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र निदेशालय पहुंचकर प्रदर्शन कर चुके हैं।
पुलिस से नोकझोंक का आरोप
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच गेट खोलने और प्रवेश को लेकर तनाव की स्थिति बनी। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगाए हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं; इन पर पुलिस का पक्ष अलग से सामने आना बाकी है।
सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज भी पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज भी धरनास्थल पर पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने छात्रों से मिलने के लिए अंदर जाने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें गेट पर रोका गया। सांसद ने कहा कि वह पुलिस से विवाद नहीं कर रहे बल्कि छात्रों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने की बात कर रहे हैं।
पुरानी नियमावली क्यों चाहते हैं अभ्यर्थी
TGT-PGT अभ्यर्थियों का आंदोलन भर्ती प्रक्रिया में लागू नई नियमावली के विरोध में चल रहा है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया पुरानी नियमावली के अनुसार कराई जाए। रिपोर्टों के मुताबिक आंदोलन 5 सितंबर से जारी है और कुछ अभ्यर्थी आमरण अनशन पर भी बैठे हैं।
इस बीच आंदोलन के दौरान एक प्रतियोगी छात्र विजय बहादुर की मौत की खबर सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों में आक्रोश और बढ़ गया है। इस घटना और आंदोलन की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं, इसलिए संबंधित आधिकारिक पक्ष का महत्व बढ़ जाता है।
भर्ती नियमों में बदलाव पर पहले भी चर्चा
जुलाई 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT और PGT भर्ती की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था। संशोधित परीक्षा में विषय के साथ सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न शामिल किए जाने की जानकारी दी गई थी।
आंदोलन के बीच बड़ा सवाल
प्रयागराज में जारी प्रदर्शन अब सिर्फ भर्ती नियमों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच संवाद और आंदोलन के तरीके को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अभ्यर्थी पुरानी नियमावली की बहाली की मांग पर कायम हैं, जबकि प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि शासन और संबंधित शिक्षा विभाग अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या आधिकारिक निर्णय या संवाद की पहल करते हैं।










