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हिण्डाल्को में बाल गोकुलम् एवं श्रीकृष्ण रूप सज्जा का भव्य आयोजन

वरिष्ठ वर्ग में अधिषी सिंह, कनिष्ठ वर्ग में इरा नीरज सिंह ने हासिल किया प्रथम स्थान

पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी

सोनभद्र रेणुकूट, 28 सितंबर। संस्कार भारती, सोनभद्र की ओर से रविवार को हिण्डाल्को प्रेक्षागृह, रेणुकूट में ‘श्रीकृष्ण रूप सज्जा—बाल गोकुलम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने श्रीकृष्ण के मनमोहक स्वरूप में सजकर उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कुल 61 प्रतिभागियों ने मोर मुकुट, मुरली और माखन की मटकी के साथ मंच पर अपनी बाल लीलाओं की मनोहारी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ हिण्डाल्को रेणुकूट परिवार के मुखिया समीर नायक, स्मेल्टर प्लांट हेड जयेश पवार, संस्कार भारती अध्यक्ष आनंद सिंह, उपाध्यक्ष अश्वनी मिश्रा एवं कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र सिंह शेखावत ने भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। संस्था का ध्येय गीत श्याम नारायण चौबे ने प्रस्तुत किया, जबकि संस्था का परिचय शिप्रा उपाध्याय ने कराया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गीता सिंह के नृत्य निर्देशन में प्रस्तुत ‘गणेश पुष्पांजलि’ से हुआ। आकर्षक प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद गीता मौर्या के नृत्य निर्देशन में बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा प्रेक्षागृह भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग गया।प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के सदस्य राजेंद्र यादव, उमा मेनन एवं शिखा सिंह ने प्रतिभागियों की वेशभूषा, भाव-भंगिमा और मंचीय प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया। वरिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान अधिषी सिंह, द्वितीय ओशी कुशवाहा तथा तृतीय स्थान अविष्का पाठक ने प्राप्त किया। वहीं कनिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान इरा नीरज सिंह, द्वितीय रिधि श्रेयांशी जेना तथा तृतीय स्थान इवान त्रिपाठी को मिला। हिण्डाल्को प्रबंधन मंडल की ओर से सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। मुख्य अतिथि समीर नायक ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में संस्कार एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सतत प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वे भविष्य में आदर्श और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।विशिष्ट अतिथि जयेश पवार ने कहा कि परिवार बच्चों की पहली पाठशाला है। संस्कारवान परिवार और संस्कारवान पीढ़ी ही समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करती है। दोनों अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भारतीय संस्कृति, कला एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्कार भारती के प्रयासों की प्रशंसा की।कार्यक्रम को सफल बनाने में जय तिवारी, हरीशंकर दुबे, विपुल अग्रवाल, मनोज सिंह, रविप्रकाश, भुवन जोशी, संजय कुंडिया, संजय जायसवाल, मनीष महेश्वरी, बी.डी. प्रजापति, दिनेश दत्त उपाध्याय, राजीव सिंह, शेष नाथ मालवीय, जितेंद्र उपाध्याय, दिलीप दुबे सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री विवेक अग्रवाल, अश्वनी मिश्रा एवं शिप्रा उपाध्याय ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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