कानपुर, 15 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के कानपुर में इलाज के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। कानपुर देहात निवासी 24 वर्षीय सोनी के परिवार का आरोप है कि करीब चार महीने पहले हुए ऑपरेशन के दौरान उनके पेट में तौलिया छूट गया था। इसके बाद उन्हें लगातार पेट दर्द और ऑपरेशन वाली जगह से मवाद निकलने की परेशानी होने लगी। परिवार के मुताबिक, दूसरे अस्पताल में दोबारा सर्जरी के दौरान पेट से तौलिया निकाला गया। महिला का अभी इलाज चल रहा है।
पीड़िता के पति वीरेंद्र कुमार ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और कल्याणपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है। फिलहाल, चिकित्सकीय लापरवाही की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय हो सकेगी।
पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में कराया था भर्ती
परिवार के मुताबिक, जून 2026 में सोनी को पेट में तेज दर्द होने पर मकसूदाबाद स्थित ओमशांति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी की ट्यूब फटने और पेट में खून जमा होने की बात बताई। इसके बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई।
वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय ने 10 जून को कल्याणपुर स्थित विश्वास हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया। सर्जरी के बाद सोनी को वापस ओमशांति हॉस्पिटल लाया गया और कुछ समय बाद छुट्टी दे दी गई।
पति का दावा है कि ऑपरेशन और इलाज के लिए परिवार से करीब डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे।

दोबारा दर्द और मवाद निकलने पर बिगड़ी परेशानी
वीरेंद्र के अनुसार, ऑपरेशन के कुछ समय बाद सोनी को फिर से पेट में दर्द होने लगा। धीरे-धीरे परेशानी बढ़ी और सर्जरी वाली जगह से मवाद निकलने लगा। इसके बाद परिवार उन्हें अकबरपुर स्थित राफिल अस्पताल ले गया।
परिवार का कहना है कि 12 अक्टूबर को जांच के बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया। इस दौरान पेट के अंदर तौलिया मिलने की बात सामने आई और उसे बाहर निकाला गया। इसके बाद से सोनी का इलाज जारी है।
परिवार का आरोप है कि पहले ऑपरेशन के दौरान तौलिया छूटने के कारण उन्हें कई महीनों तक परेशानी झेलनी पड़ी। इस दावे की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट से होना बाकी है।
पति ने बताई दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन कराने की वजह
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कहा गया था कि सोनी का ऑपरेशन ओमशांति हॉस्पिटल में किया जाएगा। बाद में अस्पताल संचालक ने ऑपरेशन थिएटर खराब होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। इसके बाद विश्वास हॉस्पिटल में सर्जरी कराई गई।
पति ने शिकायत में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विश्वास हॉस्पिटल संचालक ने क्या कहा?
विश्वास हॉस्पिटल के संचालक जगदीश चंद्र विश्वास के अनुसार, उन्होंने ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय को अपना ऑपरेशन थिएटर चार हजार रुपये में किराये पर दिया था। उनका दावा है कि मरीज के इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक ने की थी।
वहीं, ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय और ऑपरेशन करने वाली सर्जन डॉ. रचिता निगम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस कारण उनका पक्ष अभी स्पष्ट नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच पर टिकी नजर
एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के मुताबिक, जांच में यह देखा जाएगा कि ऑपरेशन किस डॉक्टर ने किया, सर्जरी के दौरान किन लोगों की जिम्मेदारी थी और मेडिकल रिकॉर्ड में क्या दर्ज है। दूसरे अस्पताल में तौलिया मिलने के संबंध में उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जांच कराने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
यह मामला मरीज की सुरक्षा, सर्जरी के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के उचित रिकॉर्ड से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और अस्पताल संचालकों के बयानों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर हैं। जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के दौरान क्या हुआ और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी बनती है।










