पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
सोनभद्र, अनपरा। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अनपरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार अनिल शर्मा को ₹1,82,750 की पूरी धनराशि वापस करा दी। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को आर्थिक राहत मिली। इस मामले में थानाध्यक्ष राजेश चौबे और हेड कांस्टेबल आनंद मोहन बिंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंडालको कॉलोनी, रेणुसागर निवासी अनिल शर्मा पुत्र केसी शर्मा साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो गए थे। अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से धनराशि ट्रांसफर करा ली थी। इसकी जानकारी मिलने पर अनपरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैंक से संपर्क किया और आवश्यक पत्राचार कर ठगी की रकम को होल्ड कराया।
पुलिस की तत्परता और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ₹1,82,750 की पूरी धनराशि पीड़ित के मूल बैंक खाते में वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) और क्षेत्राधिकारी पिपरी के मार्गदर्शन में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है। अनपरा पुलिस की इस पहल से साइबर ठगी के पीड़ित को राहत मिली है।
थानाध्यक्ष राजेश चौबे ने लोगों को किया जागरूक
अनपरा थाना प्रभारी राजेश चौबे ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि समय रहते शिकायत करने से संबंधित बैंक और एजेंसियों को धनराशि रोकने तथा वापस कराने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
उन्होंने लोगों को आगाह किया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और किसी के कहने पर बिना सत्यापन ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचें। सतर्कता और समय पर शिकायत साइबर अपराध से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।










