पांच दिवसीय गणेश महोत्सव का भक्तिमय समापन, कर्मचारियों, परिवारों और स्थानीय समुदाय ने उत्साह से लिया हिस्सा
पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र)। ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेनुकूट इकाई में गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय गणेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक आयोजनों और सामूहिक सहभागिता से सजे इस महोत्सव में कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पांच दिनों तक ग्रासिम परिसर और कॉलोनी में गणपति बप्पा की भक्ति का माहौल बना रहा। गणेश महोत्सव का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की विधिवत स्थापना एवं पूजन के साथ हुआ। प्रथम दिन आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवारों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। दूसरे दिन सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ। सामूहिक सुंदरकांड पाठ में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भजन-कीर्तन के माध्यम से धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक ऊर्जा मिली।
महोत्सव के तीसरे और चौथे दिन भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहा। भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और अन्य आयोजनों में कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता देखने को मिली। सामूहिक आयोजन ने गणेश महोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-जोल का अवसर भी बनाया। पांचवें एवं अंतिम दिन गणेश महोत्सव का भव्य समापन हुआ। भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना एवं दर्शन के पश्चात ग्रासिम रेनुकूट कॉलोनी में गणपति बप्पा की शोभायात्रा निकाली गई। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते शोभायात्रा में शामिल हुए। कॉलोनी की गलियां ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठीं।कॉलोनी परिक्रमा के बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को रिहंद नदी ले जाया गया, जहां विधि-विधान एवं भक्तिमय वातावरण में विसर्जन किया गया। बप्पा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने भावुक होकर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष लगाए। भक्तों ने भगवान गणेश से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।पांच दिवसीय गणेश महोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संगम रहा। स्थापना पूजन से लेकर भजन संध्या, सामूहिक आरती, शोभायात्रा और विसर्जन तक आयोजन में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। गणपति बप्पा के जयघोष के साथ महोत्सव का भक्तिमय समापन हुआ। इस अवसर पर ग्रासिम रेनुकूट इकाई की निरंतर प्रगति और कर्मचारियों के मंगल की कामना भी की गई।
गणपति बप्पा मोरया।
मंगल मूर्ति मोरया।










