पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
10 साल से वेतन विसंगति, 8 साल से अंतरमंडलीय तबादले और 16 साल से भत्तों में बढ़ोतरी नहीं होने का आरोप
लखनऊ/स्थानीय प्रतिनिधि। उत्तर प्रदेश में अपनी लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर लेखपालों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शासन पर वर्षों से समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने अक्टूबर माह के लिए विरोध प्रदर्शनों की समयसारिणी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रेड पे से लेकर पदोन्नति तक, कई मांगें लंबित
लेखपाल संघ के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग लंबित है। वहीं, आठ वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण नहीं होने और दो वर्षों से पदोन्नति सूची जारी न किए जाने पर भी संगठन ने नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि पिछले 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
इसके अलावा, ऑनलाइन और उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराने, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने, ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाएं एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी मांगें भी उठाई गई हैं। संगठन का आरोप है कि परिषद के आदेश के बावजूद संबंधित पटल से लेखपालों को नहीं हटाया गया और एक वर्ष से तहसीलवार परीक्षा परिणाम भी जारी नहीं किए गए हैं।
तय कार्यक्रम के तहत होगा विरोध प्रदर्शन संघ की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर काम करने, 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालयों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर विरोध जताने और 14 अक्टूबर को विशाल मोटरसाइकिल रैली निकालने की घोषणा की गई है।
इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर लगातार धरना-प्रदर्शन और 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया गया है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो बढ़ेगा आंदोलन
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराना और कार्य परिस्थितियों में सुधार सुनिश्चित करना है। संगठन ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेने की अपील की है। संघ ने चेतावनी दी है कि समय रहते समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अब देखना होगा कि शासन स्तर पर लेखपालों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रस्तावित आंदोलन का आगे क्या रुख रहता है।इस मौके पर मनोज चौहान,ऋषभ दूबे, रंजन श्रीवास्तव
, राकेश जायसवाल, चन्द्र प्रकाश
,चित्रसेन यादव,आशीष गिरि,रवि कुमार, अनूप पाल, विश्वेन्द्र सिंह
, अस्काक उस्मानी,गनेश यादव
,राकेश सितामढी,मारुतिनन्दन निगम,ऐनुल हकआदि उपस्थित रहे।










