मुंबई/नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच तेज हो गई है। 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा है। इस बीच अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया के बयान ने सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
जुहू में कैसे हुई फायरिंग?
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की कार को मुंबई के जुहू इलाके में निशाना बनाया गया। अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं। टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की तलाश की गई। बाद में मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई।
कोटा से तीन संदिग्ध पकड़े गए
19 अक्टूबर को मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन के क्षेत्र से पकड़ा गया। इनमें दो वयस्क और एक नाबालिग शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध ट्रेन से यात्रा कर रहे थे और उन्हें मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग में किसकी क्या भूमिका थी और घटना के पीछे की साजिश क्या थी। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। किसी व्यक्ति या समूह की जिम्मेदारी लेने वाली सोशल मीडिया पोस्ट अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं होती।
सलमान खान का नाम लेकर दी गई धमकी
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को भी धमकी दी गई थी। पुलिस इस दावे और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है।
इस घटनाक्रम के बाद बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा और आपराधिक गिरोहों की धमकियों को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह और सभी संबंधित लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
देवेंद्र बुढ़िया ने सलमान खान से माफी की बात क्यों कही?
इसी बीच अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया का बयान चर्चा में है। उन्होंने सलमान खान और बिश्नोई समाज के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यदि अभिनेता राजस्थान के मुकाम जाकर समाज से माफी मांग लेते, तो विवाद को सुलझाने का रास्ता निकल सकता था।
बुढ़िया के मुताबिक, करीब एक साल पहले सलमान खान के करीबी लोगों से इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि सलमान के पास अब भी माफी मांगने का विकल्प है और इस पर समाज विचार कर सकता है।
बयान में बुढ़िया ने लॉरेंस बिश्नोई को अपना हीरो भी बताया, जबकि फायरिंग जैसी हिंसक घटना को गलत कहा। उनके इस रुख को लेकर बहस तेज हो गई है। यह उनके व्यक्तिगत बयान के रूप में रिपोर्ट किया गया है; इसे पूरे बिश्नोई समाज की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए।
काले हिरण विवाद से शुरू हुआ पुराना टकराव
सलमान खान और बिश्नोई समाज के बीच विवाद की पृष्ठभूमि 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी है। बिश्नोई समाज वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण को विशेष महत्व देता है। इसी मामले को लेकर सलमान खान से माफी की मांग समय-समय पर उठती रही है।
हालांकि, किसी पुराने विवाद या माफी की मांग को फायरिंग अथवा धमकी को उचित ठहराने का आधार नहीं बनाया जा सकता। ऐसे मामलों में कानून के तहत जांच और कार्रवाई ही निर्णायक होनी चाहिए।
अब आगे क्या?
फिलहाल पुलिस तीनों पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि हमले की योजना किसने बनाई, आरोपियों की भूमिका क्या थी और सोशल मीडिया पर किए गए दावों की वास्तविकता क्या है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस ने एक बार फिर फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा, संगठित अपराध और सार्वजनिक बयानों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।










