Home / Uncategorized / ‘गर्लफ्रेंड बनाओ तो शादी भी करो’, आनंदीबेन पटेल की दोटूक नसीहत, बोलीं—पहले आत्मनिर्भर बनें युवा

‘गर्लफ्रेंड बनाओ तो शादी भी करो’, आनंदीबेन पटेल की दोटूक नसीहत, बोलीं—पहले आत्मनिर्भर बनें युवा

लखनऊ के दीक्षांत समारोह में रिश्तों की जिम्मेदारी पर राज्यपाल का बड़ा बयान | कम उम्र में मां बनने और फिर अकेला छोड़ दिए जाने पर जताई चिंता | युवाओं को करियर, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों, शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर साफ संदेश दिया है। महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि किसी के साथ प्रेम संबंध बनाने में बुराई नहीं है, लेकिन यदि शादी का वादा किया जाए तो उसकी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए। राज्यपाल ने कम उम्र में लड़कियों के मां बनने और बाद में उन्हें अकेला छोड़ दिए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई।

गुरुवार, 22 अक्टूबर को आयोजित समारोह में राज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि वे जीवन के बड़े फैसले जल्दबाजी में न लें। उन्होंने कहा कि शादी और परिवार की जिम्मेदारी उठाने से पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौजूद रहे।

‘गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं, वादा निभाना भी जरूरी’

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी के साथ रिश्ता बनाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन उस रिश्ते के प्रति ईमानदार रहना और किए गए वादों की अहमियत समझना जरूरी है।

उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि रिश्तों को केवल भावनाओं या कुछ समय साथ बिताने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति शादी का भरोसा देता है, तो उसे अपने फैसले और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कम उम्र में मातृत्व और अकेले छोड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता

आनंदीबेन पटेल ने 13-14 वर्ष की उम्र में लड़कियों के मां बनने और उसके बाद उन्हें अकेला छोड़ दिए जाने की घटनाओं को गलत बताया। उन्होंने इस विषय को केवल व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा सवाल बताया।

उनकी चिंता का केंद्र यह था कि कम उम्र में लिए गए फैसलों का असर किसी लड़की के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में परिवार, समाज और संबंधित संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

शादी से पहले अपने पैरों पर खड़े हों युवा

राज्यपाल ने युवाओं को सलाह दी कि वे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करने, कौशल विकसित करने और आर्थिक रूप से सक्षम बनने पर ध्यान दें। उनके मुताबिक, परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए भावनात्मक परिपक्वता के साथ आर्थिक तैयारी भी जरूरी है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा और मेहनत का सही इस्तेमाल करें। भविष्य को लेकर स्पष्टता होने से व्यक्ति अपने फैसले बेहतर ढंग से ले सकता है और उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रह सकता है।

गलत गतिविधियों से दूर रहने और दूसरों को भी रोकने की अपील

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने और गलत गतिविधियों से दूर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने अच्छे विचारों, सही संगति और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया।

उनका कहना था कि युवाओं की ऊर्जा और ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत विकास के साथ समाज के हित में भी होना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।

दीक्षांत समारोह में आत्मनिर्भरता का संदेश

महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का सातवां दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का अवसर था। इस दौरान राज्यपाल ने युवाओं को करियर निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।

उनके संबोधन में रिश्तों की जिम्मेदारी के साथ आत्मनिर्भरता और शिक्षा का महत्व भी प्रमुख रहा। राज्यपाल की नसीहत के बाद युवाओं के रिश्तों, शादी और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर उनकी टिप्पणी चर्चा में आ गई है।

निष्कर्ष: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संदेश था कि रिश्तों में भरोसा और जिम्मेदारी जरूरी है, लेकिन जीवन के बड़े फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। युवाओं को अपनी शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और भविष्य की तैयारी को प्राथमिकता देते हुए दूसरों के अधिकारों और भलाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *