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असम में ड्रग्स माफिया प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र।

पंकज नाथ, असम, 28 अक्टूबर :

असम के सामाजिक संगठन ‘ कुटुम्ब सुरक्षा परिषद’ के अध्यक्ष सत्य रंजन बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर कथित ड्रग्स माफिया प्रकरण की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि हाल ही में ‘ईशान न्यूज’ नामक चैनल द्वारा प्रसारित एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर असम में विवाद उत्पन्न हुआ। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत में असम के एक टेलीविजन चैनल ‘प्राग न्यूज’ के मालिक संजीव नारायण और नयन घोष का नाम सामने आया। नयन घोष ने कथित रूप से बातचीत को समाचार रोकने के बदले धन मांगने से जोड़कर आरोप लगाए, जबकि संजीव नारायण ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि बातचीत मर्सिडीज कार के लेन-देन से संबंधित थी। रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि और उसके पूरे संदर्भ की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। सत्य रंजन बोरा ने अपने पत्र में कहा कि संजीव नारायण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नयन घोष को कथित रूप से ड्रग्स माफिया बताया था और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि ‘एनकाउंटर’ जैसी टिप्पणी भी की थी। पत्र के अनुसार, बाद में इस प्रकरण से संबंधित समाचार माध्यमों और पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई तथा संबंधित पक्षों ने पुलिस में शिकायतें दर्ज कराईं। पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि संजीव नारायण और नयन घोष—दोनों से पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाए। संगठन ने यह भी पूछा कि यदि बातचीत वास्तव में कार की खरीद-बिक्री से संबंधित थी, तो नयन घोष को ड्रग्स माफिया बताने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने का आधार क्या था। बोरा ने मुख्यमंत्री से कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, धन के लेन-देन, समाचार रोकने के आरोप और नयन घोष के खिलाफ लगाए गए ड्रग्स संबंधी दावों की स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित करने से पहले कानून के तहत प्रमाणित जांच आवश्यक है। असम सरकार ड्रग्स के खिलाफ अभियान चला रही है और मुख्यमंत्री ने राज्य को मादक पदार्थों का सुरक्षित ठिकाना या पारगमन मार्ग नहीं बनने देने की बात कही है। संगठन ने मांग की कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुरूप हो, ताकि जनता को वास्तविक तथ्यों की जानकारी मिल सके।

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