सुबह से आसमान में छाए रहे बादल, रुक-रुककर बूंदाबांदी से व्रती महिलाओं की बढ़ी बेचैनी; चांद निकलने का इंतजार
पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट, सोनभद्र। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना के साथ मनाए जाने वाले करवा चौथ के पर्व पर इस बार मौसम के बदले मिजाज ने व्रती महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार सुबह से ही रेणुकूट सहित सोनभद्र जिले के कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहे। बीच-बीच में हुई बूंदाबांदी के कारण मौसम में ठंडक बनी रही। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच शाम होते-होते महिलाओं की निगाहें चंद्रमा के निकलने पर टिक गईं। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने वाली सुहागिनों के मन में यही सवाल उठता रहा कि रात में चांद के दर्शन हो पाएंगे या नहीं।
करवा चौथ हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करते हुए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। यही वजह है कि इस पर्व पर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है।
रेणुकूट और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम का रुख बदला हुआ नजर आया। आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बूंदाबांदी होने से व्रती महिलाओं को चंद्र दर्शन को लेकर चिंता सताने लगी। आमतौर पर करवा चौथ की शाम महिलाएं पूजा की तैयारियों के साथ चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करती हैं, लेकिन मौसम खराब रहने पर बादलों के बीच चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में महिलाओं को चंद्रमा की एक झलक पाने के लिए अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
करवा चौथ को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा। व्रत रखने वाली महिलाओं ने परंपरानुसार पूजा की तैयारियां कीं और शाम को चंद्रमा के दर्शन के लिए पूजा की थाली सजाई। हालांकि, आसमान में बादलों की मौजूदगी ने उनकी उत्सुकता के साथ-साथ बेचैनी भी बढ़ा दी। महिलाओं को उम्मीद है कि रात में मौसम साफ होगा और उन्हें चंद्रमा के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल मौसम की स्थिति को देखते हुए चंद्र दर्शन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। महिलाओं की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और सभी को बादलों के छंटने का इंतजार है। करवा चौथ की परंपराओं के बीच इस बार मौसम का मिजाज पर्व की शाम को खास बना रहा है।










