Home / Uncategorized / पिपरी गांव में चल रही सप्त दिवसीय श्री रामकथा में कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास पंडित शक्ति तिवारी जी जगत और जगदीश के विवाह का बड़ा ही मनोरम ढंग से वर्णन

पिपरी गांव में चल रही सप्त दिवसीय श्री रामकथा में कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास पंडित शक्ति तिवारी जी जगत और जगदीश के विवाह का बड़ा ही मनोरम ढंग से वर्णन

पिपरी गांव में चल रही सप्त दिवसीय श्री रामकथा में कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास पंडित शक्ति तिवारी जी जगत और जगदीश के विवाह का बड़ा ही मनोरम ढंग से वर्णन किया व्यास जी ने बताया कि जगत के विवाह में व्यक्ति दिखावे या प्रदर्शन के चक्कर में अनगिनत गलतियां कर जाते है, जिसमें भक्छाभक्छ अखाद्य भोजन का घोर निंदा करते हुए बतलाया जिस विवाह में वेद मंत्र की मंगल श्लोक की स्तुति पूज्य ब्राह्मण देवता द्वारा हो रहा है वही पर ऐसे निंदनीय कार्य हो रहे है जो कदापि नहीं होनी चाहिए उसी का प्रणाम फलस्वरूप विवाह के बाद दिखाई पड़ रहा है बच्चे न होना , ब्रेकअप , इत्यादि इत्यादि इसपर प्रत्येक हिन्दू सनातनियों को विचार करना चाहिए व्यास जी ने जगदीस के विवाह के में बताया कि भगवान की बारात को देख कर ब्रह्मा की मति चकरा गई जिस देवता का आह्वान होता था देवता ससरीर उपस्थित हो जाते थे इसके बाद पाणिग्रहण संस्कार कराते हुए साखोचर फिर विधिवत गठबंधन कराकर व्यास जी ने दिव्य झांकी के द्वारा भावरी घुमवाई जिसमें श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए जी बीच कथा में मुख्य आयोजक श्रीमान राकेश तिवारी, गौ प्रेमी श्री परमानंद तिवारी , सूर्यमुनि तिवारी सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह (डब्लू ) शैलेश तिवारी , दीपक तिवारी इत्यादि रसिक उपस्थित रहे ।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *