उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित सीनियर नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई, जब स्टार पहलवान Vinesh Phogat मंगलवार सुबह हरियाणा लौट गईं। विनेश ने चैंपियनशिप में खेलने का ऐलान किया था, लेकिन बैन और विवादों के बीच वह मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सकीं।
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने 9 मई को एंटी-डोपिंग नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी आधार पर उन्हें चैंपियनशिप में भाग लेने से रोक दिया गया।
गोंडा पहुंचीं, लेकिन नहीं मिला मौका
सोमवार शाम विनेश फोगाट गोंडा के नंदनी नगर स्टेडियम पहुंचीं, जहां प्रतियोगिता के लिए ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया था। लेकिन जब वह वहां पहुंचीं, तब सेंटर बंद मिला।
मीडिया से बातचीत में विनेश ने कहा कि उन्होंने WFI को जवाब भेज दिया है और दूसरा जवाब भी तैयार कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “पूरा जवाब आने से पहले ही मुझे दोषी कैसे मान लिया गया?”
गोंडा में बातचीत के दौरान विनेश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा —
“मुझे कोई भी दिक्कत आए, इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है।”
इसके बाद वह अयोध्या लौट गईं और मंगलवार सुबह हरियाणा के लिए रवाना हो गईं।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह का बयान
Sanjay Singh ने साफ कहा कि विनेश फोगाट टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकतीं।
उन्होंने कहा —
“अगर विनेश दर्शक बनकर कुश्ती देखना चाहें तो देख सकती हैं, लेकिन बिना नोटिस का जवाब दिए नियमों के अनुसार वह मुकाबला नहीं लड़ सकतीं।”
हालांकि विनेश का दावा है कि उन्होंने जवाब दाखिल कर दिया है।
साक्षी मलिक ने किया समर्थन
ओलंपियन Sakshi Malik विनेश के समर्थन में उतर आई हैं।
साक्षी ने प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और रेसलिंग फेडरेशन से अपील करते हुए कहा कि विनेश का ट्रायल कराया जाना चाहिए ताकि वह देश के लिए पदक जीत सकें।
बृजभूषण शरण सिंह का पलटवार
पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh ने विनेश के बयानों पर तीखा पलटवार किया।
उन्होंने कहा —
“देवीजी मेरे लिए जो रायता फैलाकर गई हैं, हम उसी को निपटा रहे हैं। इस समय दिल्ली कोर्ट में वही मामला देख रहे हैं।”
वहीं कैसरगंज सांसद Karan Bhushan Singh ने विनेश पर निशाना साधते हुए कहा —
“अगर कोई जाहिल है, तो उसे हम नहीं सिखा सकते। हर किसी को अपनी मर्यादा पता होनी चाहिए।”
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
एक तरफ लोग विनेश फोगाट के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ WFI के फैसले को नियमों के अनुसार बता रहे हैं।










