पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा समेत 4 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
प्रयागराज | 46 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला
Prayagraj की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 46 साल पुराने हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व बाहुबली विधायक Vijay Mishra समेत चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
एमपी/एमएलए कोर्ट के जज Yogesh Kumar Tritiya ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इससे पहले विजय मिश्रा, जीत नारायण, संतराम मिश्रा और बलराम मिश्रा को हत्या का दोषी करार दिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 11 फरवरी 1980 का है। प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में वकील Shyam Narayan Pandey ने अपने भाई प्रकाश नारायण पांडे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
एफआईआर के मुताबिक प्रकाश नारायण पांडे अपने केस में जमानत के लिए कोर्ट आए थे और छोटे लाल के होटल में बैठे थे। तभी विजय मिश्रा, बलराम मिश्रा, संतराम मिश्रा और जीत नारायण हथियारों के साथ वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में प्रकाश नारायण पांडे की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए थे।
जन्मदिन वाले दिन हुई थी हत्या
मृतक के बड़े भाई श्याम नारायण पांडे ने अदालत में बताया कि जिस दिन प्रकाश नारायण की हत्या हुई, उसी दिन उनका जन्मदिन भी था।
उन्होंने आरोप लगाया कि संतराम और बलराम मिश्रा की प्रकाश नारायण से पुरानी दुश्मनी थी और सभी आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
अदालत ने माना हत्या का आरोप साबित
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
यह फैसला उत्तर प्रदेश की चर्चित आपराधिक और राजनीतिक घटनाओं में एक अहम अध्याय माना जा रहा है।
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