शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्तियों का खेल, 179 संदिग्ध कर्मचारियों को मिलता रहा वेतन
उत्तर प्रदेश के Ballia जिले से शिक्षा विभाग को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां एक ही व्यक्ति वर्षों तक दो अलग-अलग सरकारी पदों पर काम करता रहा और दोनों जगह से वेतन और मानदेय उठाता रहा।
मामला भीमपुरा कस्बे के रहने वाले Rameshwar Singh से जुड़ा है, जो:
- Ramkaran Inter College में 1 जुलाई 2005 से चपरासी के पद पर नियुक्त बताए गए
- वहीं 23 अगस्त 2015 से कस्बे के कंपोजिट स्कूल में शिक्षामित्र के रूप में भी कार्यरत मिले
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर एक ही व्यक्ति दो सरकारी व्यवस्थाओं में एक साथ कैसे काम करता रहा?
179 फर्जी कर्मचारियों को वेतन जारी होने का आरोप
जांच में सामने आया कि शिक्षा विभाग में ऐसे 179 संदिग्ध कर्मचारी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें रोक के बावजूद वेतन या मानदेय जारी होता रहा।
सूत्रों के मुताबिक:
- कई मामलों में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली
- कुछ नियुक्तियों पर सत्यापन पूरा नहीं हुआ
- कई कर्मचारी वर्षों से विभागीय निगरानी से बाहर रहे
इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जांच के घेरे में कई अधिकारी
मामले के सामने आने के बाद जिला स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि:
- डबल जॉब कैसे जारी रही?
- वेतन सत्यापन क्यों नहीं हुआ?
- विभागीय पोर्टल पर रिकॉर्ड कैसे पास होते रहे?
सूत्र बताते हैं कि कई जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी नियुक्ति के मामले
Ballia जिले में पहले भी फर्जी नियुक्ति और दस्तावेज घोटालों के मामले सामने आते रहे हैं।
हाल ही में:
- फर्जी BPL सर्टिफिकेट पर आंगनबाड़ी नियुक्तियां रद्द हुई थीं
- स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्तियों को लेकर FIR दर्ज हुई थी
- अवैध वेतन भुगतान मामले में DIOS स्तर तक कार्रवाई हुई थी
इन घटनाओं ने जिले की भर्ती और सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं माना जा रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते डिजिटल सत्यापन और विभागीय ऑडिट मजबूत नहीं किए गए, तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में ऐसे “डबल जॉब” और फर्जी भुगतान के मामले लगातार बढ़ सकते हैं।
अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित FIR पर टिकी हैं।










