यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, खीरे के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी अवैध लकड़ी
पूर्वाचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र। रेणुकूट वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कमल कुमार के निर्देशन में वन तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बभनी वन क्षेत्र और पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 कुंतल अवैध कत्था की लकड़ी से लदी एक पिकअप वाहन को पकड़ लिया। बरामद लकड़ी की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में वन तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात लगभग 11:40 बजे वन विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ की ओर से अवैध कत्था की लकड़ी लेकर एक वाहन उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाला है। सूचना मिलते ही बभनी वन क्षेत्र की टीम ने पुलिस बल के साथ रमपाकुर जंगल के समीप घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान टीम को वाहन में बड़ी मात्रा में कत्था की लकड़ी मिली। जांच में कुल 514 नग कत्था की लकड़ी बरामद हुई, जिसका वजन लगभग 22 कुंतल पाया गया। वन अधिकारियों के अनुसार बरामद लकड़ी की बाजार कीमत लाखों रुपये है।
खीरे के नीचे छिपाकर की जा रही थी तस्करी
पूछताछ में चालक इंद्रेश पुत्र रामरतन निवासी पोखरा, थाना बभनी ने बताया कि लकड़ी छत्तीसगढ़ के केनवारी क्षेत्र से लोड की गई थी। तस्करों ने वन विभाग और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए लकड़ी को खीरे की खेप के नीचे छिपा रखा था। योजना थी कि इस अवैध लकड़ी को वाराणसी तक पहुंचाया जाए, लेकिन वन विभाग और पुलिस की सतर्कता के कारण तस्करों का यह प्रयास विफल हो गया।
लगातार कार्रवाई से तस्करों में मचा हड़कंप
वन क्षेत्राधिकारी प्रेम प्रकाश चौबे ने बताया कि पकड़े गए वाहन संख्या यूपी-64 एटी-2635 को चालक सहित कब्जे में लेकर भारतीय वन अधिनियम की धारा 5/26, 41, 42, 59 एवं 52ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे मात्र तीन दिन पूर्व भी वन विभाग ने बभनी के घघरा क्षेत्र में अभियान चलाकर 165 बोटा अवैध कत्था की लकड़ी बरामद की थी। लगातार हो रही कार्रवाई से वन तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर वन संपदा की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं।
डीएफओ कमल कुमार के निर्देशन में तेज हुआ अभियान
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रभागीय वनाधिकारी कमल कुमार के निर्देशन में वन तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी रणनीति के तहत हाल के दिनों में कई सफल कार्रवाइयां की गई हैं।
इन अधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस संयुक्त अभियान में डिप्टी रेंजर अभिषेक कुमार गुप्ता, वन दरोगा अखिलेश यादव, वन दरोगा शशांक सिंह, उपनिरीक्षक शिवमूरत यादव, हेड कांस्टेबल सुधाकर यादव, प्रदीप कुमार सिंह तथा रामआशीष यादव सहित वन विभाग और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन संपदा की तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










