Home / Uncategorized / “जेबों में गड्डियां भरकर ले गए लोग. ‘बैंक भी नहीं बच सकता… ‘राम मंदिर के बेईमानों को 7 वंश तक लगेगा श्राप’भड़के नृपेंद्र मिश्रा, कह दी इतनी बड़ी बात!

“जेबों में गड्डियां भरकर ले गए लोग. ‘बैंक भी नहीं बच सकता… ‘राम मंदिर के बेईमानों को 7 वंश तक लगेगा श्राप’भड़के नृपेंद्र मिश्रा, कह दी इतनी बड़ी बात!

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं को लेकर अब तक का सबसे विस्फोटक बयान दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि भगवान के घर में बेईमानी करने वालों का हश्र बहुत बुरा होगा। नृपेंद्र मिश्रा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “राम मंदिर के चढ़ावे में बेईमानी करने वालों को 7 वंश तक श्राप लगेगा।”

उनके इस बयान के बाद अयोध्या से लेकर दिल्ली तक के सियासी और धार्मिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

‘लोग जेबों में गड्डियां लेकर गए, बैंक भी जिम्मेदार’

नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर परिसर में निगरानी की कमी को स्वीकार करते हुए वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं और शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ लोग मंदिर के चढ़ावे से अपनी जेबों में नोटों की गड्डियां भरकर ले गए हैं।

उन्होंने इस मामले में केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि बैंकों को भी आड़े हाथों लिया। मिश्रा ने कहा:

“अगर इस तरह की गड़बड़ी हुई है, तो बैंक भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। बैंक प्रबंधन को भी यह देखना चाहिए था कि कस्टडी और काउंटिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं थी।”

चंपत राय की निष्ठा पर नहीं, ‘निगरानी’ पर उठाया सवाल

जब नृपेंद्र मिश्रा से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले लेकिन स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा:

  • 35 सालों का समर्पण: “चंपत राय श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कर्ता-धर्ता हैं। मैं उनकी निष्ठा पर कोई सवाल नहीं उठाऊंगा। वह पिछले 35 सालों से पूरी ईमानदारी के साथ इस मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं।”

  • निगरानी में चूक: इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, “लेकिन यह भी सच है कि जमीनी स्तर पर निगरानी (Supervision) में भारी कमी रही है। कस्टडी और काउंटिंग के सिस्टम को और मजबूत होना चाहिए था।”

इस बयान के बड़े मायने और सोशल मीडिया पर रिएक्शन

नृपेंद्र मिश्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर में आने वाले वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। चूंकि मिश्रा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव रह चुके हैं और बेहद कड़क प्रशासनिक अधिकारी माने जाते हैं, इसलिए उनके इस बयान को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

सोशल मीडिया ट्रेंड्स: इंटरनेट पर लोग इस बयान को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि “भगवान राम के दरबार में हेरफेर करने वालों को न्याय का सामना करना ही पड़ेगा।”

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