सोनभद्र पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
(प्रतापगढ़ ) उत्तर प्रदेश पुलिस सीधी भर्ती 2023 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सिपाही बने मिर्जापुर के आठ रंगरूटों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश के तहत नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बर्खास्त किए गए सिपाहियों में शुभम दुबे, अजय कुमार, प्रदीप कुमार, खुशबू गुप्ता, आकाश मिश्रा, अभिषेक पांडेय, रविशंकर और दिव्यांश यादव शामिल हैं। सभी आरोपी मिर्जापुर जिले के निवासी बताए गए हैं।
शिकायत से खुला मामला
इस फर्जीवाड़े का खुलासा प्रयागराज के अल्लापुर निवासी एक अधिवक्ता की शिकायत के बाद हुआ। प्रारंभिक शिकायत बांदा पुलिस को दी गई थी, क्योंकि एक आरोपी की ट्रेनिंग वहीं चल रही थी। बाद में अंतिम जॉइनिंग एवं दस्तावेज सत्यापन प्रतापगढ़ पुलिस लाइन से संबंधित होने के कारण मामला प्रतापगढ़ एसपी को स्थानांतरित किया गया।
जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए
प्रतापगढ़ एसपी के निर्देश पर सीओ लाइन शिवनारायण वैश ने मिर्जापुर जिला प्रशासन एवं संबंधित तहसीलों से सभी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया। जांच में जिला कार्यालय के रिकॉर्ड में इन प्रमाणपत्रों का कोई विवरण नहीं मिला। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि नौकरी प्राप्त करने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग किया गया था।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120B सहित संबंधित बीएनएस धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में कथित मास्टरमाइंड संजय दुबे सहित अन्य जालसाजों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
विभागीय कार्रवाई करते हुए सभी आठ सिपाहियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।









