करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर स्वामी प्रसाद मौर्य का फिर तीखा प्रहार! बोले— ‘राम में ताकत होती तो चोर वहीं भस्म हो जाता’!
गाजीपुर |डेस्क
अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों और विवादों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर भगवान श्रीराम और सनातन धर्म को लेकर बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। अयोध्या राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले और एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे भगवान राम की शक्ति पर ही सवाल उठा दिए हैं।
गाजीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो भगवान अपने ही घर में हो रही चोरी को नहीं रोक पाए और चोरों को सजा नहीं दे पाए, वो आम जनता का भला क्या करेंगे। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
“अगर राम में ताकत होती, तो चोर तभी भस्म हो जाता”
गाजीपुर के कार्यक्रम में मंच से गरजते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अयोध्या के बहाने बीजेपी और मंदिर ट्रस्ट पर करारा हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में कहा:
“अगर भगवान राम में वाकई कोई ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने मंदिर के भीतर घुसकर दानपात्र से चोरी की, उसी समय वह चोर वहां भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का तो बाल भी बांका नहीं हुआ। वह आराम से चोरी करके निकल गया और पुलिस अब तक उसे ढूंढ रही है। जो अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पा रहे हैं, वो आपका भला क्या करेंगे?”
स्वामी प्रसाद मौर्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि धर्म के नाम पर सिर्फ पाखंड और राजनीति की जा रही है, जबकि हकीकत सबके सामने आ चुकी है।
अयोध्या में 17 आरोपियों की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई सियासत
गौरतलब है कि यह विवाद तब और गहरा गया जब अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की गोपनीय रिपोर्ट सामने आई। इस रिपोर्ट में 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है और ‘टिन्नू’ नाम के एक अनाधिकृत व्यक्ति के पास से दानपात्रों की चाबियां बरामद हुई हैं। इसी मुद्दे को लपकते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे भगवान राम की सत्ता और आस्था पर तीखा प्रहार कर दिया।
मुख्य बिंदु और राजनीतिक हलचल
| विवरण | इनसाइड स्टोरी और ताजा अपडेट |
| बयान देने वाले नेता | स्वामी प्रसाद मौर्य (पूर्व कैबिनेट मंत्री, यूपी) |
| बयान की जगह | गाजीपुर में आयोजित जनसभा (मंगलवार) |
| विवाद का मुख्य कारण | भगवान राम की शक्ति पर सवाल और “चोर भस्म हो जाता” वाली टिप्पणी |
| राजनीतिक रिएक्शन | बीजेपी और संत समाज में भारी आक्रोश, माफी की मांग |
संतों और बीजेपी का पलटवार: “यह मानसिक दिवालियापन है”
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के सामने आते ही अयोध्या के संतों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर चौतरफा हमला बोल दिया है।
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संत समाज का गुस्सा: अयोध्या के प्रमुख संतों का कहना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने के लिए बार-बार करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाते हैं। भगवान को किसी को प्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं है, और कानून अपना काम कर रहा है।
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बीजेपी का तीखा प्रहार: बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान उनके मानसिक दिवालियापन और सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। वे सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के नीच बयान दे रहे हैं।
फिलहाल, स्वामी प्रसाद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे न सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, बल्कि आम लोगों और रामभक्तों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है।










