जकार्ता-अयोध्या | डिजिटल डेस्क
27 जून 2026 — अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले की गूंज अब सात समंदर पार तक पहुंच गई है। इस महा-विवाद और ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे के बीच, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बेहद भावुक और आक्रामक बयान सामने आया है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री रामलला के दरबार में हुई इस धोखेबाजी को याद कर मंच पर ही भावुक हो गए।
धीरेंद्र शास्त्री ने इस कृत्य की तुलना त्रेतायुग के सबसे बड़े पाप से करते हुए कहा कि मंदिर के खजाने पर आंख उठाने वाले लोग आधुनिक युग के ‘रावण’ हैं और इन्हें प्रभु श्रीराम स्वयं महादंड देंगे।
“रावण ने तो सिर्फ माता जानकी को चुराया था, इन्होंने करोड़ों का भरोसा चुरा लिया”
जकार्ता में भक्तों को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आवाज भारी हो गई। उन्होंने सीधे तौर पर मंदिर के भीतर चंदे की हेराफेरी करने वाले आरोपियों पर कड़ा प्रहार किया।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा:
“मन तड़प उठता है यह सोचकर कि जिस रामलला के दर्शन के लिए करोड़ों सनातनी अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा दानपात्र में डाल देते हैं, वहां ऐसी ओछी हरकत हुई। रावण तो ये भी हैं, बस इनका रूप बदल गया है। इतिहास गवाह है कि रावण ने तो केवल माता जानकी जी का हरण (चोरी) किया था, लेकिन इन कलयुगी चोरों ने राम मंदिर के दानपात्र से लाखों-करोड़ों भक्तों की अटूट श्रद्धा, उनके त्याग और उनके भरोसे को चुरा लिया है। ऐसे पापियों को इंसानी अदालत सजा दे न दे, लेकिन बालाजी सरकार और भगवान राम इन्हें ऐसा महादंड देंगे कि इनकी पुश्तें याद रखेंगी।”
SIT और इस्तीफों के भूचाल के बीच आया ‘बाबा’ का बयान
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह बड़ा बयान ऐसे समय पर आया है जब अयोध्या से लेकर लखनऊ तक इस मामले में भूचाल मचा हुआ है।
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ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: विशेष जांच टीम (SIT) की कड़ी रिपोर्ट के बाद जहां एक तरफ 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं, वहीं कल ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा है।
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वैश्विक स्तर पर आक्रोश: धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के रामभक्तों के बीच भी इस चोरी को लेकर भारी नाराजगी और दुख देखा जा रहा है। जकार्ता के मंच से आया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
मुख्य बिंदु और मामले का पूरा स्टेटस
| विवरण | इनसाइड स्टोरी और ताजा अपडेट |
| बयान देने वाले व्यक्तित्व | पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (पीठाधीश्वर, बागेश्वर धाम) |
| बयान की जगह | जकार्ता, इंडोनेशिया (अंतरराष्ट्रीय धार्मिक दौरा) |
| मुख्य नैरेटिव | आरोपियों को बताया ‘कलयुगी रावण’; कहा— भक्तों की आस्था की चोरी हुई। |
| अयोध्या केस का स्टेटस | 1 FIR, 8 गिरफ्तारियां, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा। |
| SIT की अगली हलचल | गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के मिलान के लिए SIT दोबारा जाएगी अयोध्या। |
भक्तों के बीच भारी उबाल: “दागियों को मिले कठोरतम सजा”
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ किया कि सनातन धर्म के सबसे बड़े केंद्र में इस तरह की वित्तीय लापरवाही और मिलीभगत को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की ऐसी पारदर्शी जांच हो कि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल के चढ़ावे की तरफ देखने की भी कोई हिम्मत न कर सके।
बागेश्वर बाबा के इस बेहद भावुक और तीखे बयान ने इस कानूनी लड़ाई को अब एक नया धार्मिक और सामाजिक मोड़ दे दिया है। अब देखना यह है कि बाबा के इस ‘महादंड’ वाले बयान के बाद अयोध्या पुलिस और एसआईटी जांच की रफ्तार को कितना तेज करती है।










