पूर्वांचल राज्य संवाददाता :
पंकज शुक्ला / दीपु तिवारी
सोनभद्र शक्तिनगर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शक्तिनगर पुलिस ने चोरी के एक मामले का सफल अनावरण करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹7.20 लाख नकद, चोरी की धनराशि से खरीदी गई यामाहा मोटरसाइकिल, एक पासबुक, पैन कार्ड तथा घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड (रम्मा) बरामद की है।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध नियंत्रण एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों एवं अपराधियों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी के मामले का सफल खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार थाना शक्तिनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-85/2026 में दर्ज धारा 331(4), 305(ए) एवं 317(2) बीएनएस से संबंधित मामले में अजय कुमार (21 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय चन्द्रदेव साह तथा पिंटू उर्फ ननकी (23 वर्ष) पुत्र इन्द्रेव साह, दोनों निवासी एम.जी.आर. बस्ती, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों से घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिसके आधार पर चोरी की संपत्ति भी बरामद की गई।
पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर ₹7,20,000 नकद, एक पासबुक, एक पैन कार्ड, चोरी की धनराशि से खरीदी गई यामाहा मोटरसाइकिल (वाहन संख्या BE04AP7121) तथा घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड (रम्मा) बरामद की। बरामद सामान को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई पूरी की गई है।
गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय, उपनिरीक्षक रंजीत कुमार, हेड कांस्टेबल मान सिंह यादव, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार भारती, हेड कांस्टेबल मुनीष कुमार तथा कांस्टेबल अमृत लाल की उल्लेखनीय भूमिका रही। थाना शक्तिनगर पुलिस की इस कार्रवाई को चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।










