चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड क्षेत्र के पूरा सीता मिश्र गांव में फर्जी रजिस्ट्री का एक मामला सामने आया है। गांव निवासी भोला मिश्रा के साथ दो साल पहले जालसाजी कर दो डेसिमल की जगह पांच डेसिमल जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। जब पीड़ित को इसकी जानकारी हुई, तो उसने धानापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
भोला मिश्रा ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने अपने पड़ोसी मनीष मिश्रा को अपनी जमीन बेचने का फैसला किया था। मनीष मिश्रा ने दो डेसिमल जमीन खरीदने की बात कही थी। हालांकि, बैनामा करते समय आराजी नंबर 14/18 के साथ-साथ आराजी नंबर 12 का भी बैनामा जामवंती देवी पत्नी राम आधार मिश्रा के नाम करा लिया गया।
पीड़ित भोला मिश्रा को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने हाल ही में अपनी खतौनी देखी। उन्होंने पाया कि आराजी नंबर 12 से उनका नाम हटकर जामवंती देवी का नाम दर्ज हो गया है। इसके बाद उन्होंने मनीष मिश्रा की मां कृति से संपर्क किया। कृति के पुत्रों मनीष मिश्रा और अजय मिश्रा ने गलती स्वीकार करते हुए बैनामा वापस करने का आश्वासन दिया था।
यह पहली बार नहीं है जब मनीष मिश्रा पर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगा है। कुछ समय पहले ग्राम पुरा चेता दुबे के सलाउद्दीन और अरशद की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में भी मनीष मिश्रा को जेल जाना पड़ा था। वह फिलहाल जमानत पर बाहर है और वह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित भोलानाथ मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने फर्जी रजिस्ट्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।
इस संबंध में धानापुर थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि यह मामला रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









