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बीएलडब्ल्यू की जलाली पट्टी मार्केट में विकास डूबा, जिम्मेदार विभाग आखिर कौन?

घुटनों तक पानी में डूबे बाजार में दुकानदार और ग्राहक परेशान, बदहाल शौचालयों ने बढ़ाई मुश्किलें; शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

पंकज जायसवाल की खास रिपोर्ट
पूर्वांचल राज्य, वाराणसी।

बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) परिसर स्थित जलाली पट्टी मार्केट इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। मानसून की हल्की बारिश भी बाजार को तालाब में तब्दील कर दे रही है। हालात ऐसे हैं कि दुकानदारों, ग्राहकों, रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों को घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार पहली ही बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बाजार का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

दुकानदारों के अनुसार पिछले वर्षों में बारिश के बाद ड्रेनेज और सीवर लाइनों के माध्यम से धीरे-धीरे पानी निकल जाता था, लेकिन इस वर्ष जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखाई दे रही है। थोड़ी सी बारिश के बाद भी घंटों तक पानी जमा रहता है, जिससे बाजार क्षेत्र में आवागमन मुश्किल हो जाता है।

शौचालयों की बदहाली बनी अतिरिक्त संकट

जलाली पट्टी मार्केट में बने महिला एवं पुरुष शौचालय भी बदहाली का शिकार हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई शौचालयों में न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही दरवाजे ठीक स्थिति में हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। जलभराव ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।

बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं समाधान

स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का आरोप है कि जलभराव, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें और पत्रक सौंपे गए, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। हर वर्ष बरसात में यही स्थिति दोहराई जाती है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जिम्मेदार विभाग कौन, जवाबदेही किसकी?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बनारस रेल इंजन कारखाने से देश के लिए अत्याधुनिक रेल इंजन तैयार किए जाते हैं और जो भारतीय रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाइयों में गिना जाता है, उसी परिसर के प्रमुख बाजार में मूलभूत सुविधाओं की ऐसी दुर्दशा क्यों है? आखिर इस बदहाल व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग कौन है?

नागरिकों की शिकायत पर महाप्रबंधक कार्यालय से संपर्क किया गया। जीएम के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) राजेश कुमार को जलभराव की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन उन्होंने इसे सिविल विभाग का विषय बताते हुए मामला उसी विभाग की ओर भेज दिया।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जलाली पट्टी मार्केट की जलनिकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने, शौचालयों की मरम्मत कराने तथा बाजार क्षेत्र की अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 

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