
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के लिए नए CEO की नियुक्ति कर दी है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है. उनकी नई सैलरी कितनी होगी और एयरफोर्स में उन्हें कितना वेतन मिलता था, आइए जानते हैं.एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 38 साल से अधिक समय तक सेवाएं दे चुके हैं. वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रह चुके हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है.जितेंद्र मिश्रा ने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) में चीफ टेस्ट पायलट और दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं.इसके अलावा उन्होंने डायरेक्टर (ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप), प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR), एयर मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और ASTE के कमांडेंट जैसे पदों पर भी काम किया है. मौजूदा जिम्मेदारी से पहले वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के पद पर तैनात थे.अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राम मंदिर के CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा को कितना वेतन मिलेगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस पद के लिए कोई तय सरकारी पे-स्केल लागू नहीं है. CEO का वेतन ट्रस्ट और नियुक्त किए गए अधिकारी के बीच बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा.यानी जितेंद्र मिश्रा की सैलरी उनके अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और पिछले कार्यकारी रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए तय की जा सकती है. इसके अलावा वेतन पैकेज में दूसरी सुविधाएं भी शामिल होने की संभावना है.इनमें अयोध्या में रहने की व्यवस्था, सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य जरूरी प्रशासनिक सुविधाएं शामिल हो सकती हैं. राम मंदिर CEO की जिम्मेदारी भी काफी बड़ी होगी, क्योंकि उन्हें मंदिर के रोजाना संचालन के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय कामकाज जैसी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी.रिटायरमेंट से पहले एयर मार्शल के पद पर जितेंद्र मिश्रा को करीब 1,82,200 रुपये प्रति माह का बेसिक वेतन मिलता था. यह वेतन लेवल-15 के तहत आता है. हालांकि इसमें महंगाई भत्ता (DA), परिवहन भत्ता और मिलिट्री सर्विस पे (MSP) शामिल नहीं होते.इसके अलावा पात्रता और पोस्टिंग के आधार पर एयर मार्शल को हाउस रेंट अलाउंस, फ्लाइंग अलाउंस या हाई एल्टीट्यूड जैसे दूसरे भत्ते भी मिल सकते हैं. रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभ भी प्राप्त होते हैं.फिलहाल राम मंदिर CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की अंतिम सैलरी कितनी तय होगी, यह ट्रस्ट के साथ बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा.
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