पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
सोनभद्र शक्तिनगर आमतौर पर कानून-व्यवस्था, अनुशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाला शक्तिनगर थाना नंबर-1 परिसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। थाना परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर देर रात तक भक्तिमय वातावरण बना रहा। ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष और भजन-कीर्तन से पूरा परिसर गूंजता रहा। वर्दी में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मी इस अवसर पर श्रद्धालु की भूमिका में नजर आए और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर कान्हा का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया।
जन्माष्टमी को लेकर थाना परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए स्थानीय श्रद्धालु भी पहुंचे। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से गूंजा थाना परिसर
जन्माष्टमी समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम से ही पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ने लगी। जैसे-जैसे मध्यरात्रि करीब आती गई, कान्हा के जन्म को लेकर उत्साह चरम पर पहुंचता गया।
मध्यरात्रि में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ क्षण आते ही थाना परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल होकर परिवार, क्षेत्र एवं समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
कान्हा के जन्म के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।
पुलिस और जनता के बीच दिखी आत्मीयता
थाना परिसर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं आत्मीयता का माध्यम भी बना। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।
धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस की वर्दी में अनुशासन और श्रद्धालुओं की आस्था का सुंदर संगम देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने तथा आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
थाना प्रभारी सत्येंद्र राय की रही अहम भूमिका
समारोह को सफल बनाने में शक्तिनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र राय की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय बनाकर आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारी की सक्रिय पहल से पुलिसकर्मियों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। पुलिसकर्मियों ने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई और श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आयोजन
जन्माष्टमी समारोह के दौरान थाना परिसर में सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी पूरी तरह मुस्तैद रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के शांतिपूर्ण संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस की सक्रियता और अनुशासन के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
श्रीकृष्ण का जीवन कर्तव्य और धर्म के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देता है
इस अवसर पर थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, कर्तव्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्म और कर्तव्य का संदेश आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारा और सकारात्मक वातावरण को मजबूत किया जा सकता है।
आस्था और कर्तव्य का बना अनूठा संगम
शक्तिनगर थाना नंबर-1 में मनाया गया जन्माष्टमी समारोह इस मायने में खास रहा कि यहां खाकी की जिम्मेदारी और कृष्णभक्ति की आस्था एक साथ दिखाई दी। पुलिसकर्मी एक ओर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते रहे, वहीं दूसरी ओर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भी श्रद्धापूर्वक शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान थाना परिसर भजन-कीर्तन, आरती और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा। बाल गोपाल की आकर्षक झांकी, पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण के साथ जन्माष्टमी समारोह श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ।
यह आयोजन शक्तिनगर क्षेत्र में आस्था, अनुशासन, सामाजिक सौहार्द और पुलिस-जनसहभागिता की सुंदर मिसाल बनकर सामने आया।









