दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. हादसे के बाद जहां मलबे में फंसी जिंदगियों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है, वहीं अब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है. दूसरी ओर, फरार चल रहे भवन मालिक के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है.
वकील स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दाखिल हेबियस कॉर्पस याचिका का मामला दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने उठाया गया. हादसे की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने मामले पर सोमवार को ही तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई है.
हादसे के बाद से फरार चल रहे भवन मालिक हरिराम के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है. इसका मकसद आरोपी को देश से बाहर जाने से रोकना है. पुलिस ने आरोपी के पासपोर्ट की कॉपी भी हासिल कर ली है और उसके खिलाफ FIR दर्ज कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
हरिराम की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 टीमें गठित की हैं. इन टीमों में स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और अलग-अलग ऑपरेशन यूनिट के जवान शामिल हैं. टीमों की निगरानी एडिशनल DCP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. पुलिस दिल्ली और हरियाणा में आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह एक बार फिर हादसे वाली जगह का दौरा कर राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने दिल्ली में अवैध रूप से बनी पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में PG और बहुमंजिला इमारतों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी. हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले MCD अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की बात कही गई है. सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार शाम 5 बजे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है. बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, MCD, DDA और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.बैठक में दिल्ली की इमारतों की सुरक्षा, अवैध PG और भवन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है.हादसे के बाद सत्य निकेतन इलाके में रहने वाले छात्रों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्थिति को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज को सोमवार को बंद रखने का फैसला किया गया है.कॉलेज प्रशासन ने प्रभावित और बेघर हुए छात्रों के लिए अपने क्लासरूम में अस्थायी रहने की व्यवस्था भी की है. हादसे के बाद प्रशासन का फोकस राहत-बचाव के साथ-साथ इलाके में रह रहे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी है.










