सहारनपुर: कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त की गई मस्जिद के मलबे के नीचे मिले कुएं जैसी संरचना ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। सोमवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 फीट गहरी संरचना का निरीक्षण किया।
20 फीट नीचे उतरी ASI टीम
लखनऊ से पहुंचे ASI के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ मनोज कुमार यादव ने सीढ़ी के सहारे संरचना के अंदर उतरकर करीब 10 मिनट तक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इसकी गहराई और अंदरूनी बनावट की जांच की। संरचना का व्यास करीब तीन फीट बताया गया है।
200 से 250 साल पुरानी होने की संभावना
प्रारंभिक निरीक्षण में संरचना में लखौरी ईंटों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। ASI अधिकारी के मुताबिक निर्माण शैली और सामग्री के आधार पर यह संरचना करीब 200 से 250 साल पुरानी हो सकती है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभी प्रारंभिक आकलन है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
मलबे के कारण पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं
अधिकारियों के मुताबिक संरचना के अंदर मलबा जमा है। करीब तीन फीट तक मिट्टी और अन्य सामग्री का डिपॉजिट भी बताया गया है। इसलिए फिलहाल इसके वास्तविक उपयोग और ऐतिहासिक संबंध को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। आगे मलबा हटाने या खुदाई को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग निर्णय लेगा।
किसी धार्मिक या ऐतिहासिक दावे पर अभी पुष्टि नहीं
ASI अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल निर्माण शैली के आधार पर इसे किसी विशेष ऐतिहासिक काल या धार्मिक स्थल से जोड़ना उचित नहीं होगा। इसके लिए अभिलेख, सिक्के, मुहर या अन्य प्रमाणिक पुरातात्विक साक्ष्य जरूरी होंगे।
सहारनपुर जा रहे अजय राय हिरासत में
इसी मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहारनपुर जाने वाले थे। उन्हें सोमवार को लखनऊ पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके साथ जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी रोका गया।










