पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
ओबरा (सोनभद्र)। करमा महोत्सव के अवसर पर ओबरा क्षेत्र के पनारी ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर वन्यजीव विहार आरुषि मिश्रा एवं ब्लॉक प्रमुख चोपन लीला सिंह गौड़ ने करमा देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर जनजातीय परंपरा एवं संस्कृति को नमन किया। पूजा-अर्चना के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में जनजातीय कलाकारों ने करमा गीत, सैलानी, डोमचकित सहित विभिन्न लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति की समृद्ध छटा बिखेर दी। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ एवं जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मांदर पर थाप लगाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी आरुषि मिश्रा एवं ब्लॉक प्रमुख लीला सिंह गौड़ ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। जनजातीय समाज के लोगों ने अतिथियों को पारंपरिक पलास के पत्तों से बनी टोपी पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि करमा महोत्सव जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, आस्था और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह महोत्सव लंबे समय से जनजातीय समाज के सांस्कृतिक एवं धार्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जनजातीय समाज की महिलाएं नौ दिनों तक व्रत रखकर विधि-विधान से करमा देवता की पूजा-अर्चना करती हैं। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम अत्यंत मनमोहक रहे। प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्ति तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने उपस्थित जनजातीय समाज के लोगों से अपील की कि करमा महोत्सव के अवसर पर सभी नशे से दूर रहने का संकल्प लें और अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा उनके उज्ज्वल भविष्य और समाज की प्रगति का मजबूत आधार है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के माध्यम से आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। विद्यालयों में भवन, अतिरिक्त कक्ष एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कार्य शीघ्र कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण और प्रोत्साहन करने के साथ ही समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में आनंद जी, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, श्री विमल सिंह सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग मौजूद रहे।










