तिरंगा लेकर टोल पहुंचे किसान, पुलिस ने समय रहते रोकी बड़ी घटना
किसान नेता अजीत सिंह समेत तीन हिरासत में, एक प्रदर्शनकारी घायल
नौ थानों की फोर्स तैनात, बाजार-बाजार सन्नाटा, विद्यालय भी रहे बंद
विधायक टी. राम ने वीडियो जारी कर टोल अस्थाई रूप से रोकने की दी जानकारी
पूर्वांचल राज्य वाराणसी (चोलापुर)।


ढेरही टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को चोलापुर क्षेत्र पूरे दिन आंदोलन, तनाव और पुलिस की सख्त चौकसी का केंद्र बना रहा। पूर्वांचल किसान संगठन के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन उस समय अचानक हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जब किसान नेता अजीत सिंह ने कथित रूप से अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
वाराणसी-जौनपुर सीमा से लेकर ढेरही टोल प्लाजा तक सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात था। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, चेकिंग और निगरानी के बीच पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। इसके बावजूद किसान नेता अजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ पुलिस की निगरानी को चकमा देकर टोल प्लाजा तक पहुंच गए।
‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ के नारों से गूंजा इलाका
दोपहर करीब 1 बजे दर्जनों समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पहुंचे किसान हाथों में तिरंगा लेकर “रोड नहीं तो टोल नहीं” के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान अचानक किसान नेता अजीत सिंह ने कथित रूप से पेट्रोल की बोतल निकालकर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कना शुरू कर दिया। स्थिति गंभीर होते देख पुलिसकर्मी उनकी ओर दौड़े। एलआईयू सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रकांता ने तत्परता दिखाते हुए उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और संभावित दुर्घटना टाल दी।
गिरफ्तारी के दौरान बढ़ा तनाव
घटना के बाद पुलिस ने किसान नेता अजीत सिंह, रवि सिंह और विवेक यादव को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान किसान धर्मेंद्र यादव के सिर में चोट लगने की सूचना सामने आई। घायल किसान को उपचार के लिए भेजा गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा और प्रदर्शनकारियों में आक्रोश देखने को मिला।
नौ थानों की फोर्स तथा कई अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की थी। एडीसीपी वरुणा लिपि नागयाच, एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी, एसडीएम सदर नितिन सिंह, एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। चोलापुर, चौबेपुर, लालपुर-पांडेयपुर, सिगरा, शिवपुर, सारनाथ, लोहता सहित नौ थानों की पुलिस फोर्स लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही।
गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा विरोध
किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भी प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा के आसपास जुटते रहे। पुलिस बार-बार लोगों को हटाती रही, लेकिन विरोध का सिलसिला काफी देर तक जारी रहा। पूरे दिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी रही।
आंदोलन के समर्थन में बंद रहे बाजार
ढेरही टोल हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को स्थानीय व्यापारियों और विद्यालय प्रबंधकों का भी समर्थन मिला। दानगंज, धरसौना और चोलापुर बाजार के अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। क्षेत्र के कई विद्यालयों में भी ताले लटके दिखाई दिए। सामान्य दिनों की तुलना में पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित नजर आया।
विधायक का दावा: फिलहाल रुकी टोल वसूली
अजगरा विधायक त्रिभुवन राम ने वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार ढेरही टोल पर वसूली को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगला आदेश जारी होने तक टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एसडीएम सदर ने रखा एनएचएआई का पक्ष
एसडीएम सदर नितिन सिंह ने बताया कि गोसाईं की बाजार से बनियापुर तक 59.010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना में 42.260 किलोमीटर चार लेन मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष हिस्से में भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों के कारण कार्य प्रभावित हुआ था, जो अब प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि ढेरही टोल प्लाजा की अधिसूचना 7 जून 2022 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है। वर्तमान में टोल शुल्क केवल उपयोग योग्य सड़क खंड के आधार पर लिया जा रहा है। साथ ही टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले स्थानीय निवासियों के निजी गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए 360 रुपये प्रतिमाह का मासिक पास उपलब्ध है।









