मिट्टी डालकर मार्ग अवरुद्ध करने का आरोप, सीमांकन व अतिक्रमण हटाने की मांग लेकर सीओ की चौखट पर पहुंचे ग्रामीण
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो रोहतास (नौहट्टा)।
तिलौखर पंचायत के ग्राम परछा, वार्ड संख्या-03 में लगभग 50 वर्षों से प्रचलित ग्रामीण सड़क को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी (सीओ) नौहट्टा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव की सार्वजनिक सड़क पर मिट्टी डलवाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मार्ग दशकों से गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। इतना ही नहीं, पंचायती राज एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कई बार इसी मार्ग का निर्माण और मरम्मत भी कराई गई है। बावजूद इसके पिछले करीब तीन वर्षों से सड़क की भूमि को लेकर विवाद जारी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक पक्ष सड़क को अपनी निजी भूमि बताकर उस पर दावा कर रहा है और अब मिट्टी डलवाकर रास्ता बंद करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क की भूमि पर कथित निर्माण होने से स्थिति और जटिल हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार मार्ग बाधित होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों के आवागमन, बाजार आने-जाने तथा दैनिक कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है। मामले को लेकर गांव में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रार्थना पत्र में प्रशासन से मांग की गई है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर सड़क का तत्काल सीमांकन कराया जाए, सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर यदि कोई अतिक्रमण या अवरोध पाया जाए तो उसे हटाया जाए तथा सड़क पर डाली गई मिट्टी हटवाकर आवागमन बहाल कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं हुआ तो गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर लोगों की निगाहें अंचल प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।










