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मरीज होंगे जागरूक, दवा की खरीद दर और बिक्री मूल्य अब होंगे ऑनलाइन

वेबसाइट पर खरीद दर, बिक्री मूल्य, स्टॉक और फार्मासिस्ट की जानकारी करना होगी सार्वजनिक

एफएसडीए के निर्देश, मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर देख सकेंगे दवा की पूरी कीमत और विवरण

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो लखनऊ।

अस्पतालों की फार्मेसियों से दवा खरीदने वाले मरीज अब यह जान सकेंगे कि संबंधित दवा किस कीमत पर खरीदी गई और उन्हें किस मूल्य पर बेची जा रही है। दवाओं की खरीद और बिक्री कीमत में बड़े अंतर के मामले सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

नई व्यवस्था के तहत खुदरा दवा विक्रेताओं और अस्पताल परिसरों में संचालित फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट विकसित करनी होगी। इस वेबसाइट पर फार्मेसी, लाइसेंस, फार्मासिस्ट तथा उपलब्ध स्टॉक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आम जनता के लिए उपलब्ध करानी होगी।

एफएसडीए के निर्देशों के अनुसार, अस्पताल परिसर में संचालित उन फार्मेसियों को, जहां मरीजों के पास दवा, चिकित्सा उपकरण या पोषण संबंधी उत्पाद खरीदने का कोई वैकल्पिक साधन नहीं होता, दवाओं की खरीद दर और मरीजों से लिए जाने वाले बिक्री मूल्य का विवरण वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मूल्य नियंत्रण का आदेश नहीं है, बल्कि जनहित में आवश्यक सूचनाओं को सार्वजनिक करने की पहल है।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ)-2013 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक खुदरा विक्रेता और डीलर को निर्माता या आयातक से प्राप्त मूल्य सूची प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी चाहिए, ताकि आम लोग उसे आसानी से देख सकें। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई प्रतिष्ठान इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में औषधि निर्माता, विपणन कंपनियां और स्टॉकिस्ट अस्पतालों में संचालित फार्मेसियों को अपेक्षाकृत अधिक कीमत पर दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसी को देखते हुए अस्पताल फार्मेसियों के लिए खरीद मूल्य और उपभोक्ता बिक्री मूल्य सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया है।

अब वेबसाइट पर दवा निर्माता का नाम, ब्रांड नाम, जेनेरिक नाम, अस्पताल को उपलब्ध कराई गई खरीद दर तथा उपभोक्ता से वसूले जाने वाले मूल्य की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। साथ ही फार्मेसी का नाम, लाइसेंस संख्या, लाइसेंस धारक का विवरण और लाइसेंस प्राप्त परिसर का पता भी सार्वजनिक करना होगा।

इसके अलावा फार्मेसी या अस्पताल द्वारा नियुक्त फार्मासिस्ट का नाम, पंजीकरण संख्या और फोटो वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर प्रदर्शित करना अनिवार्य रहेगा। फार्मेसी को अपने उपलब्ध स्टॉक की अद्यतन जानकारी प्रत्येक सप्ताह वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।

एफएसडीए ने निर्देश दिया है कि फार्मेसी काउंटर पर वेबसाइट का पता प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए तथा क्यूआर कोड या मोबाइल एप के माध्यम से ग्राहकों को वेबसाइट तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाए। विभाग का मानना है कि दवा की खरीद कीमत और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अथवा बिक्री मूल्य में अत्यधिक अंतर होने पर दवा की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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