
जनपद के युवा साहित्यकार अभिषेक मिश्रा द्वारा रचित ‘एक नई महामारी’ नामक पुस्तक का हुआ विमोचन
राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। गंगा बहुद्देशीय सभागार में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में देशभक्ति, संस्कृति और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने आपके आने से घर में इतनी रौनक है…और सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं… जैसे भावुक व स्वागत गीतों से पूरे माहौल को राममय और उत्सवपूर्ण बना दिया। समारोह के दौरान पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह को जनपद के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे के साथ ही बुजुर्ग पेंशनर्स द्वारा अंग वस्त्र, त्रिशूल और तलवार भेंट किया गया, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान वक्ताओं ने संघर्ष और बगावत के जज्बे को रेखांकित करते हुए कहा कि हम संघर्ष करके स्वागत करना जानते हैं, और बगावत क्या होती है, यह हमने सरकार को बता दिया है। कार्यक्रम के दौरान जनपद के युवा साहित्यकार अभिषेक मिश्रा द्वारा रचित ‘एक नई महामारी’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसे उपस्थित बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने सराहा। इसके साथ ही देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को भी मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे पूरा सभागार भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। महिला शिक्षामित्र की जिलाध्यक्ष पूनम तिवारी द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत—”हाथों में लेकर फूलों का हार, सपने सजाए मन में हजार, श्रीमान आए हैं, नैन बिछाए हैं स्वागत के लिए”—ने सभी का मन मोह लिया। उक्त अवसर पर बोलते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पेंशनरों के सम्मान और सेवा के लिए जितना किया जाए, कम है। उन्होंने देश और समाज के लिए उनके योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि पेंशनरों का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे। पेंशनरों की कोई समस्या होने पर शासन स्तर से उसका समाधान कराने की कोशिश करेंगे। मंत्री ने कहा कि देश, प्रदेश और बलिया में विकास हो रहा है। प्रसिद्ध साहित्यकार जनार्दन राय की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से परमेंद्र शुक्ला, भोला सिंह, बिरेंद्र पाठक, नगर चेयरमैन संतकुमार उर्फ मिठाई लाल, राजधारी सिंह (पूर्व मंत्री), आशा राम वर्मा (सिटी मजिस्ट्रेट) सहित मंजू श्रीवास्तव, मदन पांडेय, रणबेश्वर पांडेय, बरमेश्वर नाथ पांडेय, राघवेंद्र सिन्हा, धर्मनाथ सिंह, अरविंद उपाध्याय, सुरेंद्र मोहन तिवारी, पूनम तिवारी, अरुण कुमार सिंह, अनिल कुमार पांडेय, रमा शंकर पांडेय, हरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, धनंजय पांडेय, रविंद्र तिवारी, अनिरुद्ध सिंह, रामजी सिंह, बी.एन. उपाध्याय, रीना शर्मा और रामनाथ पासवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुरेंद्र शुक्ला किया गया। अंत में, इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे सभी बुजुर्ग पेंशनर्स और सभी पदाधिकारियों के प्रति वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे ने हार्दिक आभार व्यक्त किया। अंत में कार्यक्रम का समापन इन पंक्तियों के साथ हुआ—”जरा देर ठहरो राम, तमन्ना यही है, अभी हमने जी भर के देखा नहीं है।”









