पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। सुनील यादव हत्याकांड के आरोपी अजीत चौबे से पुलिस ने बृहस्पतिवार को गहन पूछताछ की। मेडिकल जांच के बाद मीडिया से बात करते हुए अजीत चौबे ने कहा, “अजीत चौबे को मारने वाला कारतूस अभी नहीं बना है।” पुलिस टीम उन्हें नीरुपुर गांव के उत्तर स्थित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर ले गई थी। यह मामला 20 सितंबर 2025 का है, जब हल्दी थाना क्षेत्र के नीरुपुर ढाले पर दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। इस घटना में नई बस्ती नीरुपुर निवासी टेंट कारोबारी सुनील यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। 21 सितंबर को मृतक सुनील के पिता शिवशंकर यादव की तहरीर पर अजीत चौबे सहित पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। इसके अतिरिक्त तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई थी। अजीत चौबे काफी समय तक फरार रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
अजीत चौबे ने 27 फरवरी 2026 को बलिया के सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। उनकी पत्नी विभा चौबे ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके पति को सुनील यादव हत्याकांड में फर्जी तरीके से फंसाया गया है।
बृहस्पतिवार को पुलिस टीम अजीत चौबे को पूछताछ के लिए नीरुपुर गांव के उत्तर स्थित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर ले गई। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी ले जाया गया। इस दौरान उनके वकील केशव नारायण पाण्डेय उर्फ सुनील पाण्डेय भी उनके साथ मौजूद थे। इस संबंध में पूछे जाने पर सीओ बैरिया मुहम्मद फहीम ने बताया कि रिमांड अवधि अभी पूरी नहीं हुई है और जो भी जानकारी होगी, वह बाद में साझा की जाएगी।
सुनील यादव हत्याकांड के आरोपी अजीत चौबे से पुलिस ने किया पूछताछ









