संजय निषाद ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ी रणनीति तैयार की है। निषाद पार्टी अब करीब 160 सीटों पर प्रभाव बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसके तहत केवट-मल्लाह और नदी से जुड़े समुदायों को साधने पर फोकस किया जाएगा।
क्या है 160 सीटों का प्लान
निषाद पार्टी की रणनीति में पूर्वांचल के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में भी पकड़ मजबूत करने का लक्ष्य है। पार्टी अलग-अलग जिलों में रैलियां और जनसभाएं कर अपने पारंपरिक वोटबैंक को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। हालिया अभियान में समुदाय आधारित मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है।
SC दर्जे पर जोर
पार्टी की मुख्य मांग निषाद, केवट, मल्लाह समेत संबंधित उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की है। चुनावी अभियान में इस मुद्दे को प्रमुख एजेंडा बनाया गया है ताकि समुदाय के बीच राजनीतिक समर्थन मजबूत किया जा सके।
चुनावी गणित
विशेषज्ञों का मानना है कि नदी किनारे और पूर्वांचल क्षेत्र की कई सीटों पर इन समुदायों का प्रभाव निर्णायक हो सकता है। इसी वजह से निषाद पार्टी 160 सीटों पर संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है।
गठबंधन और रणनीति
निषाद पार्टी लंबे समय से एनडीए के साथ सहयोगी के रूप में काम कर रही है और चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर सीट शेयरिंग में बेहतर स्थिति चाहती है।
फिलहाल स्थिति
पार्टी का अभियान जल्द विभिन्न जिलों में तेज होने वाला है, जिसमें सामाजिक न्याय, आरक्षण और पारंपरिक अधिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।










