अयोध्या: रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार दोपहर अभिजीत मुहूर्त में रामलला का भव्य सूर्य तिलक संपन्न हुआ। दोपहर करीब 12 बजे सूर्य की किरणें विशेष वैज्ञानिक व्यवस्था के जरिए सीधे भगवान के ललाट पर पड़ीं और लगभग 9 मिनट तक यह अद्भुत दृश्य बना रहा। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह रामलला का दूसरा सूर्य तिलक था।
🌞 9 मिनट तक ललाट पर पड़ीं सूर्य किरणें
विशेष ऑप्टिकल उपकरणों की मदद से सूर्य की रोशनी को मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचाया गया। जैसे ही किरणें रामलला के ललाट पर पड़ीं, पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस पल को बेहद आस्था और उत्साह के साथ देखा।
🙏 पंचामृत से अभिषेक, स्वर्ण जड़ित पीतांबर पहनाया
सूर्य तिलक से पहले रामलला का विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को स्वर्ण जड़ित पीतांबर और विशेष आभूषण पहनाए गए। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था और पूरे आयोजन को भव्य रूप दिया गया।
📺 PM नरेंद्र मोदी ने लाइव देखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को टीवी पर लाइव देखा। देशभर में भक्तों ने भी सूर्य तिलक का सीधा प्रसारण देखा और इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
👥 अयोध्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रामनवमी के मौके पर अयोध्या में भारी भीड़ देखने को मिली। अनुमान है कि करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए थे।
✨ आस्था और विज्ञान का संगम
रामलला का सूर्य तिलक धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक तकनीक का अनूठा उदाहरण माना जा रहा है। इस आयोजन ने रामनवमी के पर्व को और भी विशेष बना दिया और श्रद्धालुओं के लिए यह यादगार क्षण बन गया।










