लखनऊ के चिनहट इलाके में मुख्यमंत्री का सचिव बनकर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कारोबारी को सरकारी टेंडर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित कारोबारी राकेश यादव का आरोप है कि आरोपियों ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उनसे 3 लाख रुपये ले लिए गए। रकम देने के बाद भी काम नहीं हुआ तो पीड़ित ने पैसे वापस मांगे।
आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपियों ने जेल भिजवाने की धमकी दी। इससे घबराकर कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने विजेंद्र प्रताप सिंह और अशोक मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों आरोपियों पर सरकारी पद का झूठा रौब दिखाकर ठगी करने का आरोप है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोप सही पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- मुख्यमंत्री का सचिव बनकर ठगी का आरोप
- टेंडर दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये लिए
- पैसे मांगने पर जेल भेजने की धमकी
- दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
- पुलिस ने शुरू की जांच
यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी काम के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और पहले सत्यापन जरूर करें।










