बस्ती जिले में आस्था और व्यक्तिगत संघर्ष से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। सोनहा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी रवि ने अपनी मन्नत पूरी करने के लिए 9 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा कर मां बैड़वा समय माता मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
वैवाहिक विवाद के बाद मांगी थी मन्नत
बताया जा रहा है कि रवि की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगे। इसी दौरान उन्होंने मां बैड़वा समय माता मंदिर में मन्नत मांगी कि यदि उन्हें पत्नी से कानूनी रूप से अलगाव मिल गया, तो वह घर से मंदिर तक दंडवत यात्रा करेंगे।
9 किलोमीटर की कठिन यात्रा
हाल ही में पत्नी से कानूनी रूप से अलगाव होने के बाद रवि ने अपनी मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया। उन्होंने बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने गांव से भानपुर स्थित मंदिर तक लगभग 9 किलोमीटर की दूरी दंडवत करते हुए तय की।
लहूलुहान हुए घुटने, फिर भी जारी रखा सफर
रवि सुबह घर से निकले और शाम करीब 6 बजे मंदिर पहुंचे। इस दौरान लगातार लेट-लेटकर आगे बढ़ने से उनके घुटने लहूलुहान हो गए और शरीर थकान से चूर हो गया, लेकिन चेहरे पर मानसिक संतोष साफ दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं की जुटी भीड़
यात्रा के दौरान रास्ते में लोगों ने रवि को देखा तो कई श्रद्धालुओं ने उन्हें पानी और सहायता देने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने अपनी मन्नत के कारण यात्रा बिना विराम पूरी की।
मंदिर पहुंचकर की पूजा
मंदिर पहुंचने के बाद रवि ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी मन्नत पूरी होने पर आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
यह घटना व्यक्तिगत आस्था, संघर्ष और संकल्प का उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसमें युवक ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मन्नत पूरी की और आध्यात्मिक संतोष प्राप्त किया।










