कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने डॉक्टर दंपती समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक 23 वर्षीय MBA छात्र से उसकी किडनी 6 लाख रुपये में लेकर उसे 80 लाख रुपये में मरीज को बेच दिया गया।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित छात्र ने भुगतान को लेकर विवाद होने पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने देर रात शहर के तीन अस्पतालों में एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मेड लाइफ हॉस्पिटल में किडनी डोनर और मरीज भर्ती मिले। ट्रांसप्लांट से जुड़े वैध दस्तावेज मांगने पर अस्पताल कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका।
तीन अस्पतालों में छापेमारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में भी जांच की। जांच के दौरान पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।
डॉक्टर दंपती समेत आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और दलाल शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
टेलीग्राम ग्रुप से फंसाया
पीड़ित छात्र ने बताया कि उसे टेलीग्राम ग्रुप के जरिए संपर्क किया गया। आरोपी ने उसे कानपुर बुलाकर 6 लाख रुपये में किडनी देने का सौदा तय किया।
पैसों के बंटवारे का खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने छात्र के खाते में 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। शेष रकम अस्पतालों और बिचौलियों के बीच बांटी गई। जब छात्र ने बाकी रकम मांगी तो विवाद हुआ और मामला खुल गया।
मरीज को 80 लाख में बेची किडनी
जांच में सामने आया कि किडनी मेरठ की महिला मरीज को करीब 80 लाख रुपये में ट्रांसप्लांट की गई। ट्रांसप्लांट के बाद आरोपी मरीज और डोनर को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया।
हालत बिगड़ने पर भर्ती
छापेमारी के दौरान डोनर छात्र की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। आशंका है कि इस रैकेट में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।










