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शिव की नगरी में मणिपुरी लोकनृत्य कलाकार डॉ सिमान बसु ने शिव पंचाक्षरा की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोहा

पुर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी

 

मणिपुरी संस्कृति में माता पिता और राधा-कृष्ण हैं पूज्यनीय- डॉ सिनाम बसु सिंह

वाराणसी। संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश, भातखंडे वि.वि. एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को मणिपुरी लोकनृत्य का आयोजन सर्वप्रथम लिटिल फ्लावर हाउस स्कूल तत्पश्चात महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के मंच कला विभाग में किया गया। एसएनए अवार्ड एवं विस्मिल्ला खान पुरस्कार से पुरस्कृत डॉ सिनाम बसु सिंह सहित साथी कलाकारों ने मणिपुरी संस्कृति में प्रचलित राधा कृष्ण के प्रेम पर आधारित रास नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि मणिपुरी संस्कृति में रास नृत्य (रासलीला) वैष्णव धर्म से प्रेरित एक दिव्य शास्त्रीय नृत्य है, जो राधा-कृष्ण के प्रेम को दर्शाता है। यह नृत्य कोमल हरकतों, धीमी चाल और भावपूर्ण संगीत के लिए जाना जाता है। कुमिल (बेलनाकार स्कर्ट) और पोटलोई पोशाक इसकी मुख्य विशेषता है।
कलाकार ने ही अपने अंदर के भावों से ही भगवान के स्वरुप की रचना की है। मणिपुरी नृत्य में भगवान शिव को कलाकार अपनी हाथ से विभिन्न मुद्राओं के द्वारा स्तुति करते हैं। हमारे अंदर भगवान का जैसा भाव आता है वैसे ही भगवान की रचना की जाती है। मणिपुर में रास लीला 1979 से शुरू हुआ है। डॉ सिनाम बसु ने सर्वप्रथम आविशारिका, चोलोमगति की प्रस्तुति के पश्चात शिव की नगरी में शिव पंचाक्षरा के श्रोत पर भगवान शिव के भाव भंगीमाओं से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। तत्पश्चात संकृतन चोलोम एवं नट संकृतन चोलोम से मणिपुरी लोकनृत्य की विधाओं व सांस्कृतिक विरासत से छात्र छात्राओं को परिचित कराया। कार्यक्रम के अंत में उन्हें राधा कृष्ण आधारित नित्य रास की प्रस्तुति देकर सभागार में उपस्थित छात्र छात्राओं को राधा कृष्ण की भक्ति के प्रेमरस में डूबे रहने का सन्देश दिया।
उनके साथ गायन पर ओइनाम कल्याण सिंह, पुंग (मृदंग) पर चनाम प्रदीयम सिंह, एवं वायलीन पर चिंगांगबाम याइपुरेम्बा ने संगत किया। कृष्ण रूप में खुमुजाम जेनीवा देवी एवं राधा की भूमिका में एलांगबाम जोशिरानी देवी ने रासलीला की अद्भुत प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में कलाकारों का स्वागत एवं सम्मान काशी विद्यापीठ के मंच कला संकाय की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता घोष संचालन छात्रा गुनगुन संजीदा सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ आकांक्षी ने दिया। इस अवसर पर डॉ पंकज वर्मा, सौरभ दास, एस. एंजिला, पवन सिंह सहित छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।

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