पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली का जबरदस्त परिचय दे दिया। गुरुवार दोपहर उन्होंने जिला अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण किया और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। उनके अप्रत्याशित पहुंचने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम ने निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों से सीधा संवाद कर कमियों का पता लगाया तथा सुधार के कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण में जिलाधिकारी के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवनाथ प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. ए.के. द्विवेदी, चिकित्साधिकारी डॉ. ए.बी. त्रिपाठी तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश रमन और डॉ. अम्बुर इस्लाम मौजूद रहे। सबसे पहले डीएम ने इमरजेंसी ट्रामा सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने डॉक्टरों से दवाओं, उपकरणों की उपलब्धता, ऑक्सीजन सिलेंडर, एंबुलेंस सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ट्रामा सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी निर्बाध रूप से हो रही है या नहीं।
इसके बाद डीएम सोगरवाल ने आईसीयू वार्ड और सर्जिकल वार्ड का मिनटों का निरीक्षण किया। वार्डों में भर्ती मरीजों की स्थिति देखी, उनके इलाज के रिकॉर्ड चेक किए तथा डॉक्टरों को मरीजों की निगरानी में कोई लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों की साफ-सफाई, बेड की उपलब्धता और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति पर भी नजर रखी। एक मरीज के तीमारदार ने शिकायत की कि दवाएं समय पर नहीं मिल रही हैं, जिस पर डीएम ने तत्काल सीएमओ को स्टॉक चेक करने और कमी दूर करने का आदेश दिया।
केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए डीएम ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से फीडबैक लिया। उन्होंने पूछा कि डॉक्टर समय पर आ रहे हैं या नहीं, मुफ्त दवाओं की उपलब्धता कैसी है, क्या बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। भोजन, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं पर भी तीमारदारों की प्रतिक्रिया ली। एक बुजुर्ग तीमारदार ने बताया कि रात में सफाई की कमी है, जिस पर डीएम ने सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में स्थित रैन बसेरा का भी डीएम ने जायजा लिया। उन्होंने वहां बिस्तरों की व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की सफाई और बिजली-पंखे की सुविधा की पड़ताल की। दूर-दराज से आने वाले मरीज तीमारदारों को रैन बसेरा में ठहरने में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके कड़े निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएस को साप्ताहिक निरीक्षण का आदेश देते हुए कहा कि मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
डीएम सोगरवाल ने निरीक्षण के अंत में स्वास्थ्य अधिकारियों को चेतावनी दी कि अस्पताल की व्यवस्था में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही प्रशासन का मूल मंत्र है और इसके लिए सभी अधिकारी सतर्क रहें। यह निरीक्षण नवागत डीएम की सक्रिय कार्यशैली का प्रतीक बन गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संदेश गया है।
नए डीएम ने पदभार ग्रहणते ही अस्पताल का औचक निरीक्षण कर दिखाई सख्ती










