अमित पाठक
प्रदेश में औद्योगिक शान्ति स्थापित करने तथा औद्योगिक उत्पादन को सुचारू रूप से संचालित रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के श्रम अनुभाग-02 द्वारा संयुक्त प्रान्त औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अन्तर्गत 74 अनुसूचित रोजगारों में न्यूनतम मजदूरी दरों का निर्धारण किया गया है। इसी क्रम में, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष 2001=100) के माह जनवरी, 2026 से जून, 2026 तक के औसत अंक 431 के आधार पर दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक की अवधि के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) घोषित कर दिया गया है। मूल अधिसूचना के अनुसार सूचकांक के 400 अंकों तक महंगाई को निष्प्रभावी रखते हुए, उससे ऊपर की वृद्धि के आधार पर यह महंगाई भत्ता आगणित किया गया है। वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के लिए क्षेत्रीय वर्गीकरण (वाराणसी जनपद श्रेणी-द्वितीय तथा गाजीपुर, चंदौली एवं जौनपुर जनपद श्रेणी-तृतीय) के आधार पर निर्धारित मूल मजदूरी, परिवर्तनीय महंगाई भत्ता और कुल मासिक एवं दैनिक मजदूरी का विवरण निम्नलिखित है:
वाराणसी जनपद (नगर निगम क्षेत्र – श्रेणी-द्वितीय):
अकुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹12,241 तथा परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹948.68, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹13,189.68 और दैनिक मजदूरी ₹507.30 होगी।
अर्द्धकुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹13,464 और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹1,043.46, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹14,507.46 तथा दैनिक मजदूरी ₹557.98 देय होगी।
कुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹15,082 तथा परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹1,168.86, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹16,250.86 और दैनिक मजदूरी ₹625.03 होगी।
गाजीपुर, चंदौली एवं जौनपुर जनपद (श्रेणी-तृतीय):
अकुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹11,629 तथा परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹991.30, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹13,782.30 और दैनिक मजदूरी ₹530.09 होगी।
अर्द्धकुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹12,791 और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹1,110.42, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹15,438.42 तथा दैनिक मजदूरी ₹593.79 देय होगी।
कुशल श्रेणी: मूल मजदूरी ₹14,328 तथा परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ₹901.25, जिससे कुल मासिक मजदूरी ₹12,530.25 और दैनिक मजदूरी ₹481.93 होगी।
महत्वपूर्ण निर्देश एवं शर्तें:
न्यूनतम मजदूरी की उपरोक्त दरें दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 की छमाही अवधि तक लागू रहेंगी तथा 01 अप्रैल, 2027 से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के कारण वेतन दरों में पुनरीक्षण होगा।मजदूरी की ये दरें न्यूनतम दरें हैं; अतः नियोजक इससे कम दर पर भुगतान न करें। यदि पूर्व में इससे अधिक भुगतान किया जा रहा है, तो उस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये दरें सभी श्रेणी के श्रमिकों (संविदाकार व अन्य माध्यमों से नियोजित) पर समान रूप से लागू हैं। ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दरों से किया जाएगा तथा संबंधित कर्मचारी को साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य है।
श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान अनिवार्य रूप से बैंक के माध्यम से ही किया जाए, नकद भुगतान करना कानूनन जुर्म है। यह जानकारी उप श्रम आयुक्त डॉ महेश कुमार पांडेय ने दिया।









