Home / Uncategorized / 12 महीने 119 बच्चे और 135 परिवारों की उम्मीद-दिल्ली पुलिस की चंचल ने कैसे खोज निकाले 119 बच्चे हर बरामदगी के पीछे छिपी है एक कहानी

12 महीने 119 बच्चे और 135 परिवारों की उम्मीद-दिल्ली पुलिस की चंचल ने कैसे खोज निकाले 119 बच्चे हर बरामदगी के पीछे छिपी है एक कहानी

दिल्ली पुलिस की हेड कांस्टेबल चंचल ने पेश की मिसाल, 12 महीने में 119 लापता बच्चों को खोजकर परिवारों से मिलाया

नई दिल्ली। किसी परिवार के लिए उसका बच्चा लापता हो जाना जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर होता है। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच परिजन उसकी तलाश में भटकते रहते हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस की महिला हेड कांस्टेबल चंचल ने अपनी मेहनत और लगातार जांच के जरिए कई परिवारों को बड़ी राहत पहुंचाई है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर थाने में तैनात महिला हेड कांस्टेबल चंचल ने महज 12 महीनों में 119 लापता बच्चों का पता लगाकर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने 16 अन्य लापता वयस्कों को भी तलाशा। इस तरह नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच कुल 135 लोगों का पता लगाया गया।

41 बच्चे 14 साल से कम उम्र के

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तलाश किए गए 119 बच्चों में 41 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम थी। वहीं, 78 बच्चे 14 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में थे। कम उम्र के बच्चों को तलाशना विशेष रूप से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि उनके शोषण और मानव तस्करी जैसे जोखिमों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है।

दिल्ली-एनसीआर से दूसरे राज्यों तक चला तलाश का अभियान

लापता बच्चों का पता लगाने के लिए चंचल ने खुफिया सूचनाएं जुटाने, तकनीकी सहायता लेने और लगातार फॉलोअप करने जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया। इस काम में बाल देखभाल गृहों, गैर-सरकारी संगठनों और बाल कल्याण समितियों के साथ भी समन्वय किया गया।

पुलिस के मुताबिक, तलाश का दायरा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और दूसरे राज्यों में भी संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाकर बच्चों की पहचान और उनका पता लगाने का काम किया गया।

अधिकारियों ने की सराहना

दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस अधिकारियों ने हेड कांस्टेबल चंचल के काम की सराहना की है। अधिकारियों के अनुसार, उनकी जांच क्षमता, योजनाबद्ध तरीके से काम करने और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय ने लापता बच्चों को तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हर बरामदगी के पीछे एक परिवार की उम्मीद

119 बच्चों और 16 अन्य लोगों का पता लगाने का यह आंकड़ा केवल पुलिस रिकॉर्ड की उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे उन परिवारों की चिंता, इंतजार और अपनों से दोबारा मिलने की उम्मीद जुड़ी है, जो लंबे समय से अपने परिजनों की तलाश कर रहे थे।

हेड कांस्टेबल चंचल का यह प्रयास बताता है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध की जांच तक सीमित नहीं है। संवेदनशीलता, धैर्य और लगातार कोशिशों से किसी परिवार की जिंदगी में फिर से खुशियां लौटाई जा सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *