देशभर के मेडिकल छात्रों के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।
अब तक OMR शीट पर होने वाली परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में बदला जाएगा। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनेगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में आयोजित NEET परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ी के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी। इसी वजह से इस साल की परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब इसका री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा लागू होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुरूप तैयारी करने की जरूरत होगी।
क्या बदलेगा?
- NEET परीक्षा अब कंप्यूटर बेस्ड होगी
- OMR शीट की व्यवस्था समाप्त होगी
- परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और डिजिटल बनेगी
- पेपर लीक और धांधली पर लगाम लगाने की कोशिश
- छात्रों को डिजिटल एग्जाम पैटर्न के अनुसार तैयारी करनी होगी
21 जून को होगा री-एग्जाम
इस साल रद्द हुई NEET परीक्षा का आयोजन अब 21 जून को किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय और NTA ने छात्रों से सिर्फ आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है।
छात्रों के लिए क्या है चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा से पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन ग्रामीण और तकनीकी संसाधनों की कमी वाले छात्रों के लिए यह नई चुनौती भी बन सकती है। ऐसे में डिजिटल तैयारी और मॉक टेस्ट की भूमिका अहम होगी।










