लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक गंभीर मामले ने शिक्षा जगत को हिला दिया है। यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को छात्रा से कथित अनुचित बातचीत, उत्पीड़न और पेपर लीक की पेशकश के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस और आंतरिक शिकायत समिति ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
छात्रा को फोन कर मिलने का दबाव
आरोप है कि प्रोफेसर ने बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को फोन कर बार-बार मिलने का दबाव बनाया। कथित ऑडियो में आरोपी प्रोफेसर छात्रा से कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने उसके लिए “पेपर आउट” करा दिए हैं और परीक्षा से पहले मिलने आने को कहा।
छात्रा ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली और बाद में ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ऑडियो में छात्रा लगातार मिलने से इनकार करती सुनाई दे रही है, जबकि प्रोफेसर कथित तौर पर उसे भावनात्मक और व्यक्तिगत बातें कहकर मिलने के लिए दबाव बना रहे हैं।
प्रोफेसर के दो ऑडियो सामने आए, पढ़िए पहले ऑडियो की बातचीत…
प्रोफेसर- बच्चा, मम्मा ठीक हैं?
छात्रा- जी सर। सब ठीक है।
प्रोफेसर- चलो अच्छा, कुछ भी अगर हेल्प चाहिए हो तो बताना। KGMU और PGI में ज्यादातर डॉक्टर अपने जानने वाले हैं। ठीक है डार्लिंग… अगर आप कहोगे तो मैं खुद आ जाऊंगा। कोई फाइनेंशियल सपोर्ट चाहिए होगा, तो भी बताना। तुम्हारे लिए सब कुछ ओपन है।
छात्रा- नहीं सर, ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। सब काम हो जाएगा। अभी थोड़ा घर पर भी देखना है।
प्रोफेसर- नहीं बता दूंगा किस दिन मिलना होगा? कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर मैंने तुम्हारे लिए आउट कर लिए हैं।
छात्रा- नहीं सर, मैंने पढ़ तो लिया है। सिलेबस मेरा पूरा हो गया।
प्रोफेसर- अरे यार, मैंने तुम्हारे लिए पूरा पेपर निकालकर रख लिया। आ जाओ बस।
छात्रा- पढ़ तो लिया है सर मैंने।
प्रोफेसर- तो मिलने नहीं आओगी एक बार?
छात्रा- सर, मम्मी को थोड़ा देख लें। इस चक्कर में घर में रुकना इंपॉर्टेंट है।
प्रोफेसर- तो मुझे बताओ, कब तक आ जाओगी मिलने एक बार।
छात्रा- सर, घर पर थोड़ा स्टेबल हो जाए
प्रोफेसर- तो मतलब विदिन सेवन डेज?
छात्रा- सर, एग्जाम्स हो जाएं तो फिर आते हैं।
प्रोफेसर- मिलने आ जाओ, दोनों पेपर आउट कर लिए हैं तुम्हारे लिए।
छात्रा- अच्छा मैं ट्राई करती हूं। घर पर देखती हूं, जिस दिन निकल पाऊंगी, वैसे ही आती हूं।
प्रोफेसर- ट्राई नहीं, आना पड़ेगा आपको बिलकुल। ठीक है, 4 दिन के अंदर आ जाओ।
छात्रा- यस सर
प्रोफेसर- ओके, ओके
इसके बाद प्रोफेसर से छात्रा की बातचीत बंद हो जाती है। फिर छात्रा बोलती सुनाई दे रही है-
तो यह आदमी मुझे बुला रहा है। मैं जाऊंगी नहीं। मुझे नहीं चाहिए पेपर। यह मुझे अपने ऑफिस बुला रहा है जिससे दोबारा मुझे मोलेस्ट (शोषण) कर सके।
ढ़िए दूसरे ऑडियो की बातचीत
प्रोफेसर- मुझे डिच मत करना। मिलना चाहोगी या नहीं? मुझे क्लियर कर दो।
छात्रा- सर, मेरे को… बस घर की दिक्कत है बस।
प्रोफेसर- मत आओ। कितने दिन तक नहीं आओगी, मैं आपका वेट करूंगा। आपको पता है न कि मैं आप फिदा (affectionated) हूं। जब तक आप नहीं कहोगी मैं कॉल भी नहीं करूंगा आपको। मुझे बताओ कितने दिन बाद मिलने आओगी आप।
छात्रा- मेरे घर की सिचुएशन ठीक नहीं है। मम्मी को देख रही हूं इसलिए कुछ कह नहीं सकती।
प्रोफेसर- मुझे डिच तो नहीं करोगी न? मैंने आपके लिए एमएससी, पीएचडी कोर्स को रेडी कर दिया है… स्टैनफोर्ड के अंदर भी। सबकुछ रेडी है तुम्हारे लिए… सबकुछ, सारा प्लेटफॉर्म, जो आप कहोगी। मैं यह चाहता हूं कि जब मैं कॉल करूं तो कॉल उठा लो, आई एम फीलिंग वेरी गुड।
छात्रा- जी सर
प्रोफेसर- जब कहोगी तभी कॉल करूंगा, बीच में कभी नहीं करूंगा। 15 दिन, 1 महीना, जब कहोगी तभी कॉल करूंगा।
छात्रा- जी सर, जी सर
प्रोफेसर- … तो आप मिलने आओगी? तुम्हारे लिए दोनों पेपर आउट कर रखे हैं। Immuno genetics और genomics के दोनों दोनों।
छात्रा- जी सर, मैं घर पर थोड़ा देख लेती हूं। कल तक आपको बताती हूं। मेरे कल टर्म पेपर भी हैं।
प्रोफेसर- आप ही के लिए किया है। और किसी के लिए मैंने एफर्ट नहीं किया। केवल आपके लिए किया है।
छात्रा- जी सर
प्रोफेसर- और आपको मतलब… आपको बहुत… प्यार… (थोड़ा रुकते हैं) आपको पता ही है मेरी फीलिंग तुम्हारे लिए क्या है।
छात्रा- जी सर
प्रोफेसर- हां तो, मैं बहुत अटैच हूं तुम्हारे साथ इमोशनली
छात्रा- जी सर
प्रोफेसर- सीरियसली मुझे डिच मत करना प्लीज
छात्रा- जी सर, जी सर
प्रोफेसर- कब आओगी मुझे ये बता दो। 10 दिन के अंदर या 15 दिन
छात्रा- सर, मैं कंफर्म नहीं कह सकती हूं। मुझे घर का भी देखना है और एग्जाम भी हैं। इस टाइम पर मैं समझ नहीं पा रही हूं
प्रोफेसर- मैं ये मानकर चल रहा हूं कि आप 10 दिन के अंदर आ जाओगी। जब मैं कॉल करूं तो आप आ जाना।
छात्रा- ओके सर
पेपर लीक का दावा
वायरल ऑडियो में आरोपी प्रोफेसर मेन सब्जेक्ट और इलेक्टिव दोनों पेपर “आउट” करने का दावा करते सुनाई दे रहे हैं।
बातचीत में “Immuno Genetics” और “Genomics” जैसे विषयों का भी जिक्र किया गया है।
मामला सामने आने के बाद परीक्षा की गोपनीयता और विश्वविद्यालय की साख पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जूलॉजी विभाग की हेड प्रो. अमिता कनौजिया ने कहा कि ऑडियो संज्ञान में आया है और आवाज प्रोफेसर की प्रतीत हो रही है।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
चितवन कुमार के अनुसार आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी को यूनिवर्सिटी कैंपस से गिरफ्तार कर लिया।
ICC जांच पूरी
यूनिवर्सिटी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने भी जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट को कार्यकारी परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
चार साल से यूनिवर्सिटी में तैनात
डॉ. परमजीत सिंह वर्ष 2022 से लखनऊ यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे रिसर्च और वैज्ञानिक संस्थानों में कार्य कर चुके हैं।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में परीक्षा सुरक्षा, छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है।









