चंदौली जिले की विभिन्न समस्याओ को भाकपा (माले) और अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित बिछिया धरना स्थल पर एकदिवसीय धरना दिया। उन्होंने गुरैनी और धानापुर की चकबंदी प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से शुरू करने की मांग की। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सदर उपजिलाधिकारी को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
जिला सचिव अनिल पासवान ने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं के इशारे पर चकबंदी अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती है। उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया को रद्द करना अत्यंत आवश्यक है।
पासवान ने गुरैनी का उदाहरण देते हुए बताया कि स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और खेल के मैदान जैसी सरकारी परियोजनाओं के लिए गलत तरीके से गंगा किनारे जमीन का चक काट दिया गया। यह जमीन हर साल गंगा कटान में समाहित हो रही है, जबकि नियमानुसार गंगा किनारे से न्यूनतम 200 मीटर की दूरी के बाद ही चकबंदी होनी चाहिए।
उन्होंने बिझवल में नवीन परती जमीन को भी भू-माफियाओं के नाम से चक काटे जाने का मुद्दा उठाया। इसके अतिरिक्त, अमर वीर इंटर कॉलेज की 26 एकड़ जमीन को घटाकर 17 एकड़ कर दिया गया है। धानापुर ब्लॉक के कई गांवों में चकबंदी प्रक्रिया में सैकड़ों अनियमितताएं हुई हैं।
अमर वीर इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. विशाल सिंह ने बताया कि इलाके के समाजसेवियों ने विद्यालय के नाम पर 26 एकड़ जमीन दान की थी, जो सरकारी अभिलेखों में दर्ज थी। हालांकि, भू-माफियाओं ने चकबंदी अधिकारियों से मिलकर संस्था की जमीन में भी कटौती करवाकर उस पर कब्जा कर लिया है।
ज्ञापन में गंगा कटान पर रोक लगाने, नरौली धानापुर के 14 दलित परिवारों को सीलिंग की जमीन पर मिले पट्टों पर आवंटियों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज करने, और लघु डाल नहर नगवां गुरैनी विरासराय पंप कैनाल को दुरुस्त कर टेल तक पानी पहुंचाने की भी मांग की गई।









